PM मोदी ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी समागम को संबोधित किया
Aसीधा उत्तर
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर सिख समुदाय की पहलों का उल्लेख किया।
मुख्य तथ्य
प्रधानमंत्री मोदी ने 1 मार्च 2026 को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी समागम को संबोधित किया।
सिखों के 9वें गुरु, गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा के लिए 1675 में मुगल सम्राट औरंगज़ेब के आदेश पर दिल्ली में शहादत दी।
उन्हें 'हिंद की चादर' (भारत की रक्षा करने वाले) के नाम से जाना जाता है।
दिल्ली का Gurdwara Sis Ganj Sahib उनके बलिदान स्थल पर स्थित है।
उनकी शहादत धार्मिक स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा की रक्षा का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 मार्च 2026 को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी समागम को संबोधित किया। उन्होंने सिख समुदाय के लिए शुरू की गई पहलों और सामाजिक एकता का उल्लेख किया, तथा धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान करने वाले नौवें सिख गुरु को श्रद्धांजलि दी। PM मोदी ने गुरु तेग बहादुर को 'हिंद दी चादर' कहा और साहस तथा अंतर-धार्मिक सद्भाव की उनकी विरासत पर जोर दिया।
कार्यक्रम में प्रमुख सिख धार्मिक नेताओं, राजनीतिक हस्तियों और हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। PM ने गुरु तेग बहादुर के जीवन और योगदान को दर्शाने वाली डिजिटल प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 1 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संबोधित 350वें शहीदी समागम के संदर्भ में गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान के ऐतिहासिक महत्व और हिंद दी चादर के रूप में नवम सिख गुरु की विरासत पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 मार्च 2026 को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी समागम में नवम सिख गुरु को धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए बलिदान देने वाला हिंद दी चादर कहा। उन्होंने सामुदायिक पहलों और सर्व-धर्म सद्भाव का उल्लेख किया तथा सिख नेताओं और श्रद्धालुओं के समक्ष डिजिटल प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
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"प्रधानमंत्री मोदी ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी समागम को संबोधित किया" शीर्षक वाले लेख में वर्णित यह घटना/नीति किस तिथि को हुई?
व्याख्या · सही उत्तर A
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 मार्च 2026 को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी समागम को संबोधित किया। उन्होंने सिख समुदाय से जुड़ी पहलों और सामाजिक एकता पर बात की, तथा धार्मिक स्वतंत्रता की र
श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी समागम क्या है और इसे किसने संबोधित किया?
**350वां शहीदी समागम** **नवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी** की 350वीं शहादत वर्षगांठ का स्मरणोत्सव है। **प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी** ने **1 मार्च 2026** को इस समागम को संबोधित किया और गुरु तेग बहादुर को धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान करने पर **'हिंद की चादर'** कहा।
गुरु तेग बहादुर कौन हैं और उन्हें 'हिंद की चादर' क्यों कहा जाता है?
**गुरु तेग बहादुर** **नवें सिख गुरु** थे। उन्होंने औरंगज़ेब के शासन के दौरान **धार्मिक स्वतंत्रता** की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान किया। उन्हें **'हिंद की चादर'** इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे जबरन धर्म-परिवर्तन के खिलाफ खड़े हुए और उन्होंने केवल सिखों की नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लोगों की रक्षा की।
गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी समागम में प्रधानमंत्री मोदी ने कौन सी डिजिटल प्रदर्शनी का उद्घाटन किया?
**प्रधानमंत्री मोदी** ने **1 मार्च 2026** को **350वें शहीदी समागम** में **श्री गुरु तेग बहादुर जी** के जीवन और योगदान पर एक **डिजिटल प्रदर्शनी** का उद्घाटन किया। इस आयोजन में प्रमुख सिख धार्मिक नेता, राजनीतिक हस्तियां और हजारों श्रद्धालु उपस्थित थे।
श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी समागम कब हुआ और कौन उपस्थित था?
**350वां शहीदी समागम** **1 मार्च 2026** को हुआ। इसमें **प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी**, प्रमुख सिख धार्मिक नेता, राजनीतिक हस्तियां और हजारों श्रद्धालु उपस्थित थे। प्रधानमंत्री मोदी ने गुरु के जीवन पर डिजिटल प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
भारतीय इतिहास में श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान का क्या महत्व है?
**श्री गुरु तेग बहादुर जी**, नवें सिख गुरु, ने **1675** में मुगल सम्राट औरंगज़ेब के शासन के दौरान धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान किया। **350वें शहीदी समागम** (1 मार्च 2026) में प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें **'हिंद की चादर'** कहा; उनकी शहादत जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक है।
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