रक्षा अधिग्रहण परिषद ने राफेल बहुभूमिका लड़ाकू विमान (MRFA) के लिए आवश्यकता की स्वीकृति दी। इसके बाद आई खबरों में कहा गया है कि भारत और रूस पाँचवीं पीढ़ी के सुखोई-57ई के संभावित संयुक्त उत्पादन पर तकनीकी बातचीत कर रहे हैं; भारतीय पक्ष ने खरीद के किसी निर्णय की पुष्टि नहीं की है। सुखोई-57 में स्टेल्थ क्षमता, सुपरक्रूज़ और उन्नत सक्रिय इलेक्ट्रॉनिक स्कैनिंग सरणी (AESA) रडार होने की बात कही जाती है।

भारतीय वायु सेना के मौजूदा बेड़े में सुखोई-30एमकेआई, राफेल, मिग-29, मिराज 2000 और स्वदेशी तेजस एमके-1ए शामिल हैं। स्टेल्थ विशेषताओं, विकास की समयसीमा और इंजन से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंताओं के कारण भारत 2018 में रूस के साथ पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (FGFA) के संयुक्त विकास कार्यक्रम से हट गया था।