प्रकाशित: 12 अक्टूबर 2025AIRशासन
EPF मुकदमेबाजी घटाने के लिए विश्वास योजना शुरू; दंडात्मक हर्जाने को तर्कसंगत बनाया गया
श्रम मंत्री मनसुख मांडवीय ने 13 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में 238वीं CBT (EPF) बैठक में विश्वास योजना शुरू की। कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम के तहत दंड हर्जाने को युक्तिसंगत बनाकर EPF से जुड़ी मुकदमेबाजी कम करना इस योजना का लक्ष्य है।
बकाया दंड हर्जाना ₹2,406 करोड़ था। उच्च न्यायालय, CGIT और सुप्रीम कोर्ट में 6,000+ मामले लंबित थे और EPFO ई-प्रोसीडिंग्स पर 21,000 संभावित मुकदमों की स्थिति थी। विश्वास में दंड हर्जाना एकसमान 1% प्रतिमाह (2 माह तक 0.25%, 4 माह तक 0.50%) किया गया। योजना छह माह वैध है और इसे छह माह तक बढ़ाया जा सकता है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भविष्य निधि अधिनियम के अंतर्गत दंडात्मक क्षतियों को युक्तिसंगत बनाने वाली विश्वास योजना और लंबित मुकदमों पर इसके संभावित प्रभाव की परख कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने 13 अक्टूबर 2025 को 238वीं कर्मचारी भविष्य निधि केंद्रीय न्यासी बोर्ड बैठक में विश्वास योजना शुरू की। 2,406 करोड़ रुपये बकाया और छह हजार लंबित मुकदमों के बीच, दंडात्मक क्षति घटाकर एक प्रतिशत प्रतिमाह की गई। योजना छह माह वैध है और छह माह और बढ़ाई जा सकती है।
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
अक्टूबर 2025 में शुरू की गई 'विश्वास योजना' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह ईपीएफ मुकदमेबाजी को कम करने के लिए श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा शुरू की गई थी।
2. इस योजना के तहत दंडात्मक हर्जाने को एकसमान 1% प्रति माह तक कम कर दिया गया है।
3. शुरुआत के समय बकाया दंडात्मक हर्जाना लगभग 2,400 करोड़ रुपये था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या · सही उत्तर Cकथन 1 और 3 सही हैं, पर कथन 2 अपने लिखे रूप में सही नहीं है। विश्वास योजना श्रम और रोजगार मंत्रालय ने ईपीएफ के 238वें केंद्रीय न्यासी बोर्ड की बैठक में शुरू की। उद्देश्य दंडात्मक हर्जाने को तर्कसंगत बनाकर ईपीएफ मुकदमेबाजी घटाना था। पीआईबी के अनुसार दर सामान्यतः 1% प्रति माह की गई, पर 2 माह तक के डिफॉल्ट पर 0.25% और 4 माह तक के डिफॉल्ट पर 0.50% की श्रेणीबद्ध दरें लागू रहती हैं। इसलिए इसे एकसमान 1% नहीं कहा जा सकता। मई 2025 तक बकाया दंडात्मक हर्जाना लगभग 2,406 करोड़ रुपये था और अलग-अलग फोरम में 6,000 से अधिक मामले लंबित थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विश्वास योजना किसने और कब शुरू की?
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने 13 अक्टूबर 2025 को विश्वास योजना शुरू की। इसे नई दिल्ली में ईपीएफ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड की 238वीं बैठक में शुरू किया गया।
विश्वास योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम के तहत दंडात्मक क्षतिपूर्ति को तर्कसंगत बनाकर ईपीएफ से जुड़े मुकदमों को कम करना है।
योजना ने ईपीएफ से जुड़े कितने बकाये और मुकदमों को लक्ष्य बनाया?
बकाया दंडात्मक क्षतिपूर्ति 2,406 करोड़ रुपये थी। उच्च न्यायालयों, सीजीआईटी और उच्चतम न्यायालय में 6,000 से अधिक मामले लंबित थे, साथ ही ईपीएफओ के ई-कार्यवाही पोर्टल पर 21,000 संभावित मुकदमे थे।
विश्वास योजना में दंडात्मक क्षतिपूर्ति कैसे बदली गई है और यह कितने समय के लिए वैध है?
दंडात्मक क्षतिपूर्ति प्रति माह समान रूप से 1 प्रतिशत तय की गई है, जिसमें 2 महीने तक के लिए 0.25 प्रतिशत और 4 महीने तक के लिए 0.50 प्रतिशत है। योजना छह महीने के लिए वैध है और इसे और छह महीने के लिए बढ़ाया जा सकता है।