प्रकाशित: 7 अक्टूबर 2025NobelPrize.orgअंतरराष्ट्रीय
रसायन विज्ञान का नोबेल 2025 मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क के विकास के लिए
रसायन विज्ञान का 2025 नोबेल पुरस्कार सुसुमु कितागावा (जापान), रिचर्ड रॉबसन (ऑस्ट्रेलिया) और उमर एम. याघी (अमेरिका) को धातु-कार्बनिक ढाँचों, यानी एमओएफ, के विकास के लिए समान रूप से दिया गया। आधिकारिक नोबेल सूचना की तारीख 8 अक्टूबर 2025 है और पुरस्कार राशि 1.1 करोड़ स्वीडिश क्रोना तीनों विजेताओं में बराबर बाँटी गई। इसे केवल पुरस्कार सूची नहीं, बल्कि आधुनिक सामग्री तकनीक के उदाहरण के रूप में पढ़ना चाहिए, क्योंकि एमओएफ गैस, जल और प्रदूषण नियंत्रण जैसे अनुप्रयोगों से सीधे जुड़ते हैं।
एमओएफ छिद्रयुक्त क्रिस्टलीय पदार्थ होते हैं। इनमें धातु आयन कार्बनिक अणुओं से जुड़े रहते हैं और अंदर बहुत बड़ी रिक्त जगहें बनती हैं। यही संरचना इन्हें अलग-अलग गैसों और रसायनों के साथ काम करने लायक बनाती है। एमओएफ-5 जैसे कुछ पदार्थों के कुछ ग्राम में फुटबॉल मैदान जितना आंतरिक सतह क्षेत्र हो सकता है। इस कारण यह विषय रसायन विज्ञान के साथ-साथ पर्यावरण, ऊर्जा और सामग्री विज्ञान से भी जुड़ता है।
इन पदार्थों के उपयोग कार्बन डाइऑक्साइड को पकड़ने, रेगिस्तानी हवा से जल संग्रहण, पीएफएएस को पानी से अलग करने, गैस भंडारण, उत्प्रेरण और दवा वितरण तक फैले हैं। परीक्षा की दृष्टि से यह खबर पुरस्कार और वैज्ञानिक उपलब्धि के साथ-साथ जल संकट, प्रदूषण नियंत्रण, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा और नई सामग्री तकनीक के स्टैटिक जीके से जुड़ती है। RAS और UPSC जैसे पेपरों में इससे प्रत्यक्ष तथ्य, अनुप्रयोग-आधारित प्रश्न और विज्ञान-पर्यावरण के आपसी संबंध पर संक्षिप्त मुख्य परीक्षा बिंदु बन सकते हैं। तैयारी में विजेताओं के नाम, देशों, खोज का कारण, एमओएफ की परिभाषा, प्रमुख उपयोग और पुरस्कार राशि को एक साथ याद रखना उपयोगी रहेगा।
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
लेख के अनुसार, धातु-कार्बनिक ढाँचों में धातु आयन किससे जुड़कर सरंध्र संरचना बनाते हैं?
व्याख्या · सही उत्तर Dलेख में कहा गया है कि MOFs सरंध्र क्रिस्टलीय पदार्थ हैं जिनमें धातु आयन कार्बनिक अणुओं द्वारा आपस में जुड़े होते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रसायन विज्ञान का 2025 नोबेल पुरस्कार किसे दिया गया?
यह पुरस्कार सुसुमु कितागावा (जापान), रिचर्ड रॉबसन (ऑस्ट्रेलिया) और उमर एम. याघी (अमेरिका) को धातु-कार्बनिक ढाँचों के विकास के लिए समान रूप से दिया गया।
धातु-कार्बनिक ढाँचे क्या हैं?
धातु-कार्बनिक ढाँचे या एमओएफ छिद्रयुक्त क्रिस्टलीय पदार्थ हैं, जिनमें धातु आयन कार्बनिक अणुओं से जुड़े रहते हैं और भीतर बड़ी रिक्त जगहें बनती हैं।
एमओएफ के प्रमुख उपयोग क्या हैं?
इनका उपयोग कार्बन डाइऑक्साइड को पकड़ने, रेगिस्तानी हवा से जल संग्रहण, पीएफएएस को पानी से अलग करने, गैस भंडारण, उत्प्रेरण और दवा वितरण में होता है।
परीक्षा की दृष्टि से यह विषय क्यों महत्त्वपूर्ण है?
यह पुरस्कार और वैज्ञानिक उपलब्धि के साथ-साथ पर्यावरण, ऊर्जा, जल संकट, प्रदूषण नियंत्रण और सामग्री विज्ञान से जुड़ता है, इसलिए RAS और UPSC-शैली के प्रश्नों में उपयोगी है।
रसायन विज्ञान के 2025 नोबेल पुरस्कार की राशि कितनी थी?
पुरस्कार राशि 1.1 करोड़ स्वीडिश क्रोना थी, जिसे तीनों विजेताओं ने समान रूप से साझा किया।