जोधपुर स्थित टिड्डी चेतावनी संगठन ने सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश के बाद बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर सहित राजस्थान के पश्चिमी जिलों में रेगिस्तानी टिड्डियों की निगरानी तेज़ कर दी है। संगठन ने निगरानी के लिए वाहनों पर लगे स्प्रेयर और ड्रोन से लैस 43 दल तैनात किए हैं।

सितंबर की बारिश थार रेगिस्तान में रेगिस्तानी टिड्डी (सिस्टोसर्का ग्रेगेरिया) के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाती है। 1939 में स्थापित भारत का टिड्डी चेतावनी संगठन दुनिया के सबसे पुराने संगठनों में से एक है। यह सीमा पार टिड्डी झुंडों की निगरानी के लिए पाकिस्तान, ईरान और संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के साथ समन्वय करता है। राजस्थान कृषि विभाग ने प्रभावित जिलों के किसानों को खड़ी खरीफ़ फ़सलों की सुरक्षा के उपायों पर सलाह जारी की है।