12 मार्च 2026 को ऐतिहासिक दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह) की 96वीं वर्षगांठ मनाई गई। महात्मा गांधी ने 12 मार्च 1930 को अहमदाबाद, गुजरात के साबरमती आश्रम से 78 चुने हुए सत्याग्रहियों के साथ यह यात्रा शुरू की थी। 24 दिनों में 388 किमी की पदयात्रा के बाद वे गुजरात के नवसारी जिले के तटीय गांव दांडी पहुंचे और 6 अप्रैल 1930 को ब्रिटिश नमक कानून तोड़ा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महात्मा गांधी और दांडी मार्च में भाग लेने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी। नमक सत्याग्रह 1882 के ब्रिटिश नमक अधिनियम के खिलाफ सविनय अवज्ञा का पहला बड़ा कदम था, जिसने जन आंदोलन को प्रेरित किया और विशेष रूप से महिलाओं और किसानों को स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ा।

राजस्थान संबंध: राजस्थान की रियासतों के कई स्वतंत्रता सेनानियों ने सत्याग्रह से प्रेरित सविनय अवज्ञा आंदोलन में भाग लिया। बीकानेर, जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसी रियासतों में प्रजामंडल आंदोलन गांधी की सत्याग्रह की पुकार से सीधे प्रेरित थे। जनवरी 2019 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उद्घाटन किया गया दांडी में राष्ट्रीय नमक सत्याग्रह स्मारक इस आंदोलन को स्थायी श्रद्धांजलि है।