फोनपे को ऑनलाइन भुगतान एग्रीगेटर के रूप में RBI की अंतिम मंजूरी मिली
Aसीधा उत्तर
फोनपे को RBI से ऑनलाइन भुगतान एग्रीगेटर का अंतिम लाइसेंस मिला; इसके 65 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं और यह प्रतिदिन 36 करोड़ से अधिक लेनदेन संभालता है।
मुख्य तथ्य
फोनपे को 19 सितंबर 2025 को ऑनलाइन भुगतान एग्रीगेटर के रूप में काम करने की RBI से अंतिम अनुमति मिली — सैद्धांतिक मंजूरी के दो वर्ष से अधिक बाद।
इससे फोनपे लघु और मध्यम उद्यमों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपना व्यापारी नेटवर्क बढ़ा सकेगा।
फोनपे के 65 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता और 4.5 करोड़ से अधिक व्यापारियों का भुगतान स्वीकार करने वाला नेटवर्क है तथा यह प्रतिदिन 36 करोड़ से अधिक लेनदेन संभालता है।
वार्षिकीकृत कुल भुगतान मूल्य (TPV) 150 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
यह RBI से पूर्ण भुगतान एग्रीगेटर लाइसेंस प्राप्त 50 से अधिक कंपनियों की सूची में शामिल हो गई है, जिनमें पाइन लैब्स, भारतपे और पेयू भी हैं।
फोनपे को 19 सितंबर 2025 को RBI से ऑनलाइन भुगतान एग्रीगेटर के रूप में संचालन की अंतिम मंजूरी मिली। यह मंजूरी प्रारंभिक सैद्धांतिक स्वीकृति के दो वर्ष बाद आई और इससे कंपनी लघु तथा मध्यम उद्यमों पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापारियों का अपना नेटवर्क बढ़ा सकेगी।
फोनपे के 65 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता और भुगतान स्वीकार करने वाले 4.5 करोड़ से अधिक व्यापारियों का नेटवर्क है। कंपनी प्रतिदिन 36 करोड़ से अधिक लेनदेन संभालती है और इसका वार्षिकीकृत कुल भुगतान मूल्य (TPV) 150 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह पाइन लैब्स, भारतपे और पेयू सहित RBI के पूर्ण भुगतान एग्रीगेटर लाइसेंस वाली 50 से अधिक कंपनियों में शामिल हो गई है।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा फोनपे को अंतिम पेमेंट एग्रीगेटर प्राधिकार दिए जाने के नियामक महत्व की विवेचना कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
19 सितंबर 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक ने दो-वर्षीय सैद्धांतिक मंजूरी के बाद फोनपे को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर का अंतिम प्राधिकार दिया। पैंसठ करोड़ उपयोगकर्ता, साढ़े चार करोड़ व्यापारी, छत्तीस करोड़ दैनिक लेनदेन और हर साल डेढ़ सौ लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ यह पूर्ण लाइसेंस लघु-उद्यम व्यापारियों के समावेशन को बढ़ाता है और नियंत्रित डिजिटल-भुगतान संरचना को और मज़बूत करता है।
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फोनपे को ऑनलाइन भुगतान एग्रीगेटर के रूप में RBI की कौन-सी मंजूरी मिली?
फोनपे को 19 सितंबर 2025 को ऑनलाइन भुगतान एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए RBI की अंतिम मंजूरी मिली, जिससे यह डिजिटल भुगतान के लिए व्यापारियों को सीधे जोड़ सकता है।
भुगतान एग्रीगेटर क्या है और इसे RBI मंजूरी की आवश्यकता क्यों होती है?
भुगतान एग्रीगेटर वह संस्था है जो व्यापारियों और ग्राहकों के बीच ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा देती है। RBI मंजूरी से ऐसे प्लेटफ़ॉर्म का संचालन नियामकीय ढांचे के भीतर सुनिश्चित होता है।
फोनपे क्या है और यह भारत में कौन-सी सेवाएँ देता है?
फोनपे भारत के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान प्लेटफ़ॉर्म में से एक है। यह UPI भुगतान, बीमा, म्यूचुअल फंड और व्यापारी भुगतान सेवाएँ उपलब्ध कराता है।
फोनपे के भुगतान एग्रीगेटर लाइसेंस से व्यापारियों को क्या लाभ होगा?
यह दर्जा फोनपे को व्यापारियों को सीधे अपने साथ जोड़ने, अपने भुगतान तंत्र का विस्तार करने और अधिक एकीकृत डिजिटल भुगतान सेवाएँ देने में मदद करेगा।
UPI ने भारत में डिजिटल भुगतान को कैसे बदला है?
UPI भारत की रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली है। फोनपे जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्मों ने UPI से उपभोक्ताओं और व्यापारियों के बीच डिजिटल भुगतान को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया है।
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