प्रकाशित: 17 सितंबर 2025समाचार स्रोतराजस्थान
यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) राजस्थान के सीकर जिले की खंडेला तहसील में यूरेनियम खनन परियोजना में ₹3,000 करोड़ का निवेश करेगी
राजस्थान विधानसभा में एक संबोधन के दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने सीकर जिले की खंडेला तहसील में यूरेनियम खनन परियोजना की जानकारी दी। यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) इस परियोजना में लगभग ₹3,000 करोड़ का निवेश करेगी। इससे 1,623 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिनमें से 80% स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित होंगे।
खंडेला के रोहिल में 1,086.46 हेक्टेयर क्षेत्र में यूरेनियम और संबद्ध खनिजों के विशाल भंडार मिले हैं। झारखंड और आंध्र प्रदेश के बाद राजस्थान तीसरा राज्य बना है, जहाँ व्यावसायिक स्तर पर यूरेनियम भंडार मिले हैं। राजस्थान सरकार ने UCIL को खनन कार्यों के लिए आशय पत्र जारी किया है। यह परियोजना भारत की परमाणु ईंधन सुरक्षा को मज़बूत करेगी और राजस्थान में बनने वाले माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) राजस्थान के सीकर जिले की खंडेला तहसील में यूरेनियम खनन परियोजना में लगभग कितना निवेश करेगा?
व्याख्या · सही उत्तर CUCIL सीकर जिले की खंडेला तहसील के रोहिल में यूरेनियम खनन परियोजना पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। यह परियोजना 1,086.46 हेक्टेयर में फैली है और 1,623 प्रत्यक्ष रोजगार देगी, जिनमें 80% स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित हैं। झारखंड और आंध्र प्रदेश के बाद राजस्थान व्यावसायिक रूप से पहचाने गए यूरेनियम भंडार वाला तीसरा राज्य बन गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान के सीकर जिले के खंडेला में यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की यूरेनियम खनन परियोजना क्या है?
**यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) राजस्थान के सीकर जिले के खंडेला में यूरेनियम खनन परियोजना में ₹3,000 करोड़ निवेश करने की योजना बना रही है**। **इस परियोजना से 1,623 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिनमें से 80% स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित होंगे**।
राजस्थान में खंडेला यूरेनियम खदान भारत के लिए रणनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
**राजस्थान के सीकर जिले की खंडेला तहसील में यूरेनियम खनन परियोजना की घोषणा हुई है। यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) इसमें लगभग ₹3,000 करोड़ का निवेश करेगी**। इससे आयातित यूरेनियम पर भारत की निर्भरता कम होगी और देश में परमाणु ऊर्जा के विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।
यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) क्या है और भारत के परमाणु कार्यक्रम में इसकी क्या भूमिका है?
**यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है**। इसका काम यूरेनियम का खनन, प्रसंस्करण और आपूर्ति करना है। **खंडेला के रोहिल में 1,086.46 हेक्टेयर क्षेत्र में यूरेनियम और संबद्ध खनिजों के विशाल भंडार मिले हैं**।
यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड सीकर जिले की यूरेनियम परियोजना में कितना निवेश कर रही है?
**यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) सीकर के खंडेला में यूरेनियम खनन परियोजना में ₹3,000 करोड़ का निवेश कर रही है**। **झारखंड और आंध्र प्रदेश के बाद राजस्थान तीसरा राज्य है, जहाँ व्यावसायिक स्तर पर यूरेनियम भंडार मिले हैं**।
राजस्थान में यूरेनियम खनन बढ़ाने के व्यापक लाभ क्या हैं?
**यह परियोजना भारत की परमाणु ईंधन सुरक्षा को मज़बूत करेगी और राजस्थान में बनने वाले माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए महत्वपूर्ण है**। घरेलू यूरेनियम उत्पादन परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने में सहायक है और राजस्थान में रोजगार के अवसर पैदा करता है।