5 दिसंबर को भारत-रूस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में विस्तृत वार्ता की। अमेरिकी प्रतिबंधों और शुल्क दबावों के बीच पुतिन ने रूसी ईंधन की 'अबाधित आपूर्ति' का प्रस्ताव दिया। दोनों नेताओं ने 2030 तक भारत-रूसी आर्थिक सहयोग विकसित करने के कार्यक्रम पर सहमति व्यक्त की।

दोनों पक्ष यूरेशियन आर्थिक संघ के साथ मुक्त व्यापार क्षेत्र में भारत के शामिल होने की संभावना भी तलाश रहे हैं। इसके अतिरिक्त, रूस के कलुगा क्षेत्र में सक्रिय औषधीय पदार्थ बनाने का संयंत्र, स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा और विज्ञान में सहयोग तथा बाह्य अंतरिक्ष गतिविधियों की दीर्घकालिक स्थिरता से जुड़े सहयोग पर समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।