20 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति की 11वीं बैठक भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग के तत्वावधान में नई दिल्ली के जनपथ स्थित डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र में आयोजित की गई। राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 की धारा 5 के तहत गठित है और राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण के लिए नीतिगत विचार-विमर्श के निकाय के रूप में कार्य करती है। यह नियमों तथा समान बांध-सुरक्षा मानकों की अनुशंसा करती है। बैठक में भारत की बांध-सुरक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई, जो दुनिया की सबसे बड़ी व्यवस्थाओं में से एक है — भारत में 6,000 से अधिक बड़े बांध हैं। बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 'निर्दिष्ट बांधों' पर लागू होता है: 15 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले बांध, तथा 10 से 15 मीटर के बीच ऊँचाई वाले वे बांध जो डिज़ाइन, ऊँचाई, जलाशय क्षमता या जोखिम-क्षमता की निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं। बैठक के प्रमुख एजेंडा में सीडीएसई मानक संचालन प्रक्रिया, प्री-इनिशियल फिलिंग प्लान, एसक्यूआरए/क्यूआरए जोखिम आकलन, निर्माण और पुनर्वास अनुमोदन, गैर-संरचनात्मक दस्तावेज, भूकंपीय उपकरण तथा चंद्रप्रभा बांध की सुरक्षा शामिल थे। यह 11वीं बैठक भारत की बांध सुरक्षा के विधायी ढाँचे को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, विशेष रूप से चरम मौसमी घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति, हिमालयी क्षेत्र में हिमनद झील प्रस्फोट बाढ़ तथा 1950-70 के दशकों में निर्मित कई बड़े सिंचाई जलाशयों की पुरानी होती अवसंरचना को देखते हुए।
राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति की 11वीं बैठक 20 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित: जल शक्ति मंत्रालय ने बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के राष्ट्रव्यापी क्रियान्वयन की समीक्षा की
20 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति की 11वीं बैठक जल शक्ति मंत्रालय के अधीन नई दिल्ली के डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र में आयोजित की गई। राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 की धारा 5 के तहत गठित है और राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण के लिए नीतिगत विचार-विमर्श के निकाय के रूप में कार्य करती है। बैठक में सीडीएसई प्रक्रिया, प्री-इनिशियल फिलिंग प्लान, एसक्यूआरए/क्यूआरए जोखिम आकलन, निर्माण और पुनर्वास अनुमोदन, गैर-संरचनात्मक दस्तावेज, भूकंपीय उपकरण तथा चंद्रप्रभा बांध सुरक्षा पर विचार हुआ।
मुख्य तथ्य
- 20 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति (NCDS) की 11वीं बैठक जल शक्ति मंत्रालय के अधीन नई दिल्ली के डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र में आयोजित की गई।
- NCDS बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत गठित सर्वोच्च सांविधिक निकाय है, जो राष्ट्रीय बांध सुरक्षा नीति को दिशा देता है तथा राज्यों में अधिनियम के क्रियान्वयन की देखरेख करता है।
- भारत में 6,000 से अधिक बड़े बांध हैं; अधिनियम 'निर्दिष्ट बांधों' पर लागू होता है — यानी 15 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले बांध, या 10 मीटर से अधिक ऊँचाई और 10 लाख घन मीटर से अधिक जलाशय क्षमता वाले बांध।
- बैठक में राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA), राज्य बांध सुरक्षा संगठनों (SDSOs), बांध सुरक्षा समीक्षा पैनलों (DSRPs) तथा आपातकालीन कार्य योजनाओं (EAPs) के कामकाज की समीक्षा की गई।
- समिति ने केन्द्रीय जल आयोग (CWC) की तकनीकी भूमिका तथा विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित बांध पुनर्वास एवं सुधार कार्यक्रम (DRIP) चरण II एवं III की प्रगति पर चर्चा की।
- हिमालयी क्षेत्र में हिमनद झील प्रस्फोट बाढ़ (GLOFs), चरम मौसमी घटनाओं तथा 1950-70 के दशकों में निर्मित बांधों में उम्रदराज होती अवसंरचना पर नए सिरे से ध्यान केन्द्रित किया गया।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत में बांध-सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंधन में राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति तथा बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति की ग्यारहवीं बैठक 20 जनवरी 2026 को डॉ अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय के तहत आयोजित हुई। बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के अंतर्गत इस शीर्ष सांविधिक निकाय ने भारत के 6,000 से अधिक बड़े बांधों के लिए एनडीएसए, एसडीएसओ, डीएसआरपी, आपात कार्ययोजनाओं तथा डीआरआईपी द्वितीय-तृतीय चरण की समीक्षा की।
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राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति (NCDS), जिसकी 11वीं बैठक 20 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई, का गठन किस अधिनियम के तहत किया गया है?
राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत गठित शीर्ष सांविधिक निकाय है। 20 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में हुई इसकी 11वीं बैठक में राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण, राज्य बांध सुरक्षा संगठन, बांध सुरक्षा समीक्षा पैनल, आपातकालीन कार्य योजनाएँ और बांध पुनर्वास एवं सुधार कार्यक्रम चरण 2/3 की समीक्षा की गई। भारत में 6,000 से अधिक बड़े बांध हैं।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति (NCDS) की 11वीं बैठक कब तथा कहाँ आयोजित की गई?
NCDS की 11वीं बैठक 20 जनवरी 2026 को जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन विभाग के अंतर्गत नई दिल्ली के जनपथ स्थित डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र में आयोजित की गई।
NCDS का गठन किस कानून के तहत हुआ है तथा इसकी भूमिका क्या है?
NCDS बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत गठित शीर्ष सांविधिक निकाय है। इसकी भूमिका राष्ट्रीय स्तर पर नीतिगत दिशा देना, अंतर-राज्यीय तथा अंतर-मंत्रालयीय बांध सुरक्षा मुद्दों पर सलाह देना, तथा राज्यों में अधिनियम के एकसमान क्रियान्वयन की देखरेख करना है।
बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत 'निर्दिष्ट बांध' में कौन से बांध आते हैं?
अधिनियम के दायरे में वे 'निर्दिष्ट बांध' आते हैं, जिनकी ऊँचाई 15 मीटर से अधिक हो, या जिनकी ऊँचाई 10 मीटर से अधिक हो और जलाशय क्षमता 10 लाख घन मीटर से अधिक हो। भारत में कुल 6,000 से अधिक बड़े बांध हैं।
NCDS बैठक में किन संस्थागत तंत्रों की समीक्षा की गई?
बैठक में राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA), राज्य बांध सुरक्षा संगठनों (SDSOs), बांध सुरक्षा समीक्षा पैनलों (DSRPs), आपातकालीन कार्य योजनाओं (EAPs), केन्द्रीय जल आयोग (CWC) की तकनीकी भूमिका तथा विश्व बैंक से वित्तपोषित बांध पुनर्वास एवं सुधार कार्यक्रम (DRIP) चरण II/III की प्रगति की समीक्षा की गई।
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