प्रकाशित: 17 सितंबर 2025PIBअंतरराष्ट्रीय
भूमध्य सागर में पहला भारत-ग्रीस द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास संपन्न
भारतीय नौसेना और हेलेनिक नौसेना (ग्रीस) के बीच पहला द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास 18 सितंबर 2025 को भूमध्य सागर में संपन्न हुआ। बंदरगाह चरण सलामिस नौसैनिक अड्डे (13-17 सितंबर) पर हुआ। इसके बाद समुद्री चरण 17-18 सितंबर को आयोजित किया गया।
INS त्रिकंद (गाइडेड मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट) ने भारत का प्रतिनिधित्व किया, जबकि ग्रीस ने HS थेमिस्टोकल्स, HS पिपिनोस और विशेष बल के जहाज तैनात किए। समुद्री चरण में पनडुब्बी-रोधी अभ्यास, VBSS ऑपरेशन, समुद्र में पुनःपूर्ति, संयुक्त गोलीबारी और हेलीकॉप्टर क्रॉस-डेक ऑपरेशन शामिल थे।
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प्रश्न: भारत की नौसैनिक कूटनीति और हिंद-प्रशांत रुख के लिए भूमध्य सागर में पहले भारत-ग्रीस द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास के रणनीतिक महत्व का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
पहला भारत-ग्रीस द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास 18 सितंबर 2025 को भूमध्य सागर में संपन्न हुआ। 13-17 सितंबर को सलामिस नौसैनिक अड्डे पर बंदरगाह चरण के बाद आईएनएस त्रिकंद ने एचएस थेमिस्टोक्ल्स और एचएस पिपिनोस के साथ पनडुब्बी-रोधी युद्ध, वीबीएसएस, पुनर्पूर्ति, गोलीबारी और हेलीकॉप्टर क्रॉस-डेक अभ्यास किए, जिससे नौसैनिक कूटनीति मजबूत हुई।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
1 सितंबर 2025 को शुरू हुआ भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास मैत्री-14 कहां आयोजित किया गया?
व्याख्या · सही उत्तर Bअभ्यास मैत्री-14 मेघालय के उमरोई में विदेशी प्रशिक्षण नोड पर 1-14 सितंबर 2025 तक आयोजित हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भूमध्य सागर में भारत-ग्रीस का पहला द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास क्या है?
यह भारतीय नौसेना और हेलेनिक नौसेना (ग्रीस) के बीच पहला द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास था, जो 18 सितंबर 2025 को भूमध्य सागर में संपन्न हुआ। इससे भारत-ग्रीस रक्षा सहयोग और नौसैनिक अंतर-संचालनीयता को बल मिला।
भारत-ग्रीस समुद्री अभ्यास भारत की नौसैनिक पहुँच के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
बंदरगाह चरण सलामिस नौसैनिक अड्डे पर 13-17 सितंबर को और समुद्री चरण 17-18 सितंबर को हुआ। इस अभ्यास से भारत की नौसैनिक उपस्थिति भूमध्य सागर तक पहुँची और यूरोपीय भागीदारों के साथ संबंध मजबूत हुए।
भारत-ग्रीस द्विपक्षीय अभ्यास के दौरान कौन सी नौसैनिक गतिविधियाँ होती हैं?
आईएनएस त्रिकंड (निर्देशित मिसाइल स्टेल्थ युद्धपोत) ने भारत का प्रतिनिधित्व किया, जबकि ग्रीस ने एचएस थेमिस्तोकल्स, एचएस पिपिनोस और विशेष बल पोत तैनात किए। गतिविधियों में सतह युद्ध अभ्यास, पनडुब्बी-रोधी अभ्यास और खोज-बचाव अभियान शामिल थे।
भारत और ग्रीस के रणनीतिक संबंध कैसे हैं?
समुद्री चरण में पनडुब्बी-रोधी युद्ध अभ्यास, पोत पर चढ़ाई एवं तलाशी अभियान, समुद्र में पुनःपूर्ति और संयुक्त गोलाबारी शामिल थी। भारत और ग्रीस के रणनीतिक संबंध द्विपक्षीय रक्षा सहयोग एवं समुद्री सुरक्षा के ज़रिए मजबूत हो रहे हैं।
भूमध्य सागर में भारत का नौसैनिक अभ्यास इसकी वैश्विक पहुँच रणनीति से कैसे जुड़ता है?
भूमध्य सागर में यह अभ्यास भारत की नौसैनिक भागीदारी को हिंद-प्रशांत से यूरोपीय जलक्षेत्रों तक विस्तारित करता है और भारत की वैश्विक समुद्री पहुँच रणनीति को मजबूत करता है।