रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर 2025 को 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत पहुँचे — रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा थी। प्रधानमंत्री मोदी ने सामरिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष भाव से पुतिन का स्वागत किया। दो दिवसीय शिखर सम्मेलन (4-5 दिसंबर) से महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौतों की उम्मीद थी।

शिखर सम्मेलन के एजेंडे में 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त सामरिक साझेदारी' को मजबूत करना, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, 2030 तक व्यापार को 100 अरब डॉलर तक बढ़ाना, और INSTC तथा चेन्नई-व्लादिवोस्तोक समुद्री गलियारे सहित संपर्क परियोजनाएँ शामिल थीं।