रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 23वें भारत-रूस वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के लिए 4 दिसंबर 2025 को भारत पहुंचे। यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद यह पुतिन की भारत की पहली यात्रा थी। शिखर सम्मेलन में 16 अंतर-सरकारी समझौतों और 15 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर हुए।

प्रमुख समझौतों में 2030 तक 100 अरब डॉलर का संशोधित व्यापार लक्ष्य, परमाणु रिएक्टरों (कुडनकुलम और संभावित नई परियोजनाओं) पर सहयोग, एयरोस्पेस और नौसेना प्रणालियों में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास, और अवैध प्रवास तथा नागरिकों के अस्थायी रोजगार पर समझौते शामिल थे। अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर चिंताओं के बीच पुतिन ने भारत को रूसी ईंधन की 'अबाधित आपूर्ति' का वादा किया।