प्रकाशित: 6 नवंबर 2025समाचार स्रोतविज्ञान-प्रौद्योगिकी
NASA-ISRO NISAR उपग्रह का विज्ञान चरण घोषित; गोदावरी डेल्टा की पहली तस्वीरें लीं
NASA-ISRO सिंथेटिक एपर्चर रडार (NISAR) उपग्रह ने 7 नवंबर 2025 को कक्षा में परीक्षण पूरा कर लिया, जिसके बाद उसे परिचालन के लिए तैयार घोषित किया गया। ISRO अध्यक्ष V नारायणन ने एक सम्मेलन में गोदावरी नदी डेल्टा की NISAR से ली गई पहली परिचालन तस्वीरें दिखाईं।
30 जुलाई 2025 को GSLV से लॉन्च किया गया 2,400 किग्रा का यह उपग्रह दोहरी SAR प्रणाली वाला पहला उपग्रह है: L-बैंड वन छत्र को भेदकर मृदा नमी और बायोमास मापता है, जबकि S-बैंड छोटी वनस्पति और कृषि के प्रति संवेदनशील है। NISAR हर 12 दिन में दो बार पृथ्वी की अधिकांश भूमि और बर्फीली सतहों की निगरानी कर सकता है। यह मिशन वनों की कटाई, हिमनद पिघलने, भूकंप जोखिम और कृषि पैटर्न की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण है।
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प्रश्न: नवंबर 2025 में परिचालन में आने के बाद नासा-इसरो निसार उपग्रह के वैज्ञानिक एवं रणनीतिक महत्व की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
2400 किलोग्राम का नासा-इसरो निसार उपग्रह, 30 जुलाई 2025 को जीएसएलवी से प्रक्षेपित, 7 नवंबर 2025 को परिचालन घोषित; अध्यक्ष वी नारायणन ने गोदावरी डेल्टा की पहली तस्वीरें दिखाईं। इसका दोहरा एल-बैंड व एस-बैंड एसएआर हर 12 दिनों में पृथ्वी की भूमि और बर्फ की निगरानी कर वनोन्मूलन, हिमनद, भूकंप व कृषि अध्ययन में सहायक है।
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