आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 राजकोषीय समेकन में महत्वपूर्ण प्रगति दिखाता है। FY26 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.4% निर्धारित है, जो FY25 में 4.8% और FY21 के कोविड शिखर पर 9.2% से घटा है। राजस्व घाटा FY26 में GDP का 0.8% हो गया — FY09 के बाद सबसे कम — जिससे पूंजीगत व्यय के लिए अधिक आवंटन संभव हुआ।

सरकार का लक्ष्य ऋण-GDP अनुपात को मार्च 2031 तक FY26 बजट अनुमान के 56.1% से घटाकर 50% (प्लस-माइनस 1%) करना है। 2020 से सामान्य सरकारी ऋण-GDP अनुपात पहले ही 7.1 प्रतिशत अंक कम हो चुका है। सर्वेक्षण सिफारिश करता है कि राजकोषीय नीति का मुख्य आधार वार्षिक राजकोषीय घाटा लक्ष्यों से हटाकर मध्यम अवधि के ऋण-GDP अनुपात ढांचे को बनाया जाए।

केंद्र की राजस्व प्राप्तियां FY25 में GDP का 9.2% हो गईं (FY16-FY20 के 8.5% औसत से ऊपर)। आयकर रिटर्न FY25 में 9.2 करोड़ हुए (FY22 में 6.9 करोड़ थे)। अप्रैल-दिसंबर 2025 में सकल GST संग्रह 17.4 लाख करोड़ रुपये रहा। पूंजीगत व्यय FY25 में GDP का 4% हुआ।