भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी राकेश अग्रवाल को NIA के महानिदेशक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। दिसंबर 2025 में NIA के नेतृत्व में बदलाव के बाद उन्होंने पहले एजेंसी का अंतरिम अतिरिक्त प्रभार संभाला था। परीक्षा में इससे व्यक्ति-पद, संस्था, कानून और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा स्थिर भाग एक साथ याद रखा जा सकता है।

NIA भारत की प्रमुख आतंकवाद-रोधी जांच एजेंसी है। इसकी स्थापना 2008 के मुंबई हमलों के बाद NIA अधिनियम, 2008 के तहत हुई थी। एजेंसी को पूरे भारत में आतंकवाद, आतंक वित्तपोषण और अन्य अनुसूचित अपराधों से जुड़े मामलों की जांच का क्षेत्राधिकार प्राप्त है। इसलिए प्रीलिम्स में इससे सीधे तथ्य पूछे जा सकते हैं: NIA किस अधिनियम के तहत बनी, इसकी स्थापना किस बड़े सुरक्षा संदर्भ के बाद हुई, और इसका जांच क्षेत्र किन अपराधों तक फैला है।

RAS और UPSC शैली की तैयारी में नेतृत्व बदलाव को NIA अधिनियम, 2008 और एजेंसी के अखिल भारतीय क्षेत्राधिकार के साथ जोड़कर पढ़ना चाहिए। नेतृत्व में बदलाव वाला हिस्सा समसामयिकी है, जबकि NIA अधिनियम, 2008 और एजेंसी का अखिल भारतीय क्षेत्राधिकार स्टैटिक जीके से जुड़ता है। मुख्य परीक्षा के दृष्टिकोण से यह उदाहरण दिखाता है कि आतंकवाद और आतंक वित्तपोषण जैसे मामलों में जांच तंत्र को विशेष कानून और स्पष्ट क्षेत्राधिकार की जरूरत होती है। उत्तर में राकेश अग्रवाल का पद, दिसंबर 2025 का नेतृत्व बदलाव, NIA की स्थापना का संदर्भ, कानून और जांच का दायरा साफ़ ढंग से रखें। ऐसे प्रश्नों में व्यक्ति से जुड़ा तथ्य और संस्था से जुड़ी स्थिर जानकारी दोनों को अलग-अलग याद रखना उपयोगी रहता है।