भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे 3 सितंबर 2025 को चार दिवसीय यात्रा (3-6 सितंबर) पर भारत पहुंचे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की उपस्थिति में बिहार के नालंदा में राजगीर स्थित रॉयल भूटान मंदिर के अभिषेक समारोह में भाग लिया। बिहार सरकार द्वारा प्रदान की गई भूमि पर बना यह मंदिर भारत और भूटान के बीच बौद्ध धर्म की साझा आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। PM तोबगे ने नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा किया और शैक्षणिक आदान-प्रदान तथा छात्रवृत्तियों के ज़रिए सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।
भूटान PM शेरिंग तोबगे चार दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे; रॉयल भूटान मंदिर के अभिषेक में शामिल
भूटान के प्रधानमंत्री तोबगे की भारत यात्रा; बिहार के राजगीर में रॉयल भूटान मंदिर के अभिषेक में भाग लिया।
मुख्य तथ्य
- Bhutan के PM Dasho Tshering Tobgay ने भारत का दौरा किया (3-6 सितंबर 2025), उनके साथ Je Khenpo Trulku Jigme Choedra (Bhutan के मुख्य मठाधीश) भी थे।
- केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की उपस्थिति में बिहार के नालंदा स्थित राजगीर में रॉयल भूटान टेम्पल के अभिषेक समारोह में भाग लिया।
- यह मंदिर बिहार सरकार द्वारा दी गई भूमि पर बनाया गया है और भारत व भूटान की साझा बौद्ध विरासत का प्रतीक है।
- PM टोबगे ने नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा किया और शैक्षणिक आदान-प्रदान तथा छात्रवृत्ति के ज़रिए सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव दिया।
- नालंदा विश्वविद्यालय को भूटान के ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: राजगीर में रॉयल भूटान मंदिर के अभिषेक से दिखाई देने वाली सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कूटनीति, पारंपरिक आर्थिक सहयोग से आगे बढ़कर भारत-भूटान द्विपक्षीय संबंधों को किस प्रकार सुदृढ़ करती है? विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे 3 सितंबर 2025 को चार दिवसीय भारत यात्रा पर पहुँचे और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू के साथ बिहार के नालंदा स्थित राजगीर में रॉयल भूटान मंदिर के अभिषेक समारोह में भाग लिया। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय का भ्रमण कर शैक्षणिक आदान-प्रदान एवं छात्रवृत्तियाँ प्रस्तावित कीं।
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ग्रैंड इजिप्शियन म्यूज़ियम में किस फिरौन का संपूर्ण संग्रह है?
ग्रैंड इजिप्शियन म्यूज़ियम तूतनखामुन का पूरा संग्रह एक ही छत के नीचे प्रस्तुत करता है; मिस्र पर्यटन की आधिकारिक सामग्री तूतनखामुन दीर्घाओं में 6,000 से अधिक कलाकृतियों का उल्लेख करती है।
स्रोत: DD News
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भूटान के PM तशेरिंग तोबगे ने भारत का दौरा क्यों किया और इसकी मुख्य बातें क्या थीं?
**भूटान PM तशेरिंग तोबगे** **चार दिनों** के भारत दौरे पर आए। इसमें **बिहार के राजगीर में रॉयल भूटान मंदिर** का अभिषेक, PM मोदी से द्विपक्षीय वार्ता, अयोध्या और बोधगया की यात्राएँ शामिल थीं।
भारत-भूटान द्विपक्षीय संबंधों की वर्तमान स्थिति क्या है?
**भारत-भूटान संबंधों** का आधार **मैत्री संधि, 2007** है। भारत भूटान का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और विकास सहायता देने वाला देश है। प्रमुख क्षेत्र: **जलविद्युत**, **बुनियादी ढाँचा** और रक्षा।
बिहार के राजगीर में रॉयल भूटान मंदिर क्या है और इसका क्या महत्व है?
**बिहार के राजगीर में रॉयल भूटान मंदिर** भारत और भूटान की साझा बौद्ध आध्यात्मिक-सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसका अभिषेक भारत-भूटान के गहरे सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को दिखाता है।
भूटान PM की अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर की यात्रा का क्या महत्व है?
**भूटान के PM तोबगे** मंदिर अभिषेक के बाद **राम जन्मभूमि मंदिर जाने वाले पहले विदेशी PM** बने, जो भारत-भूटान के सांस्कृतिक बंधन को रेखांकित करता है।
डोकलाम विवाद क्या है और यह भारत-भूटान-चीन संबंधों को कैसे प्रभावित करता है?
**डोकलाम गतिरोध (2017)** भारत-चीन के बीच 73 दिन का सैन्य गतिरोध था, जो उस क्षेत्र को लेकर था जिस पर भूटान और चीन दोनों दावा करते हैं। भारत ने भूटान के सुरक्षा गारंटर के रूप में हस्तक्षेप किया।
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