RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 5 जनवरी 2026 को मुंबई में भुगतान नियामक बोर्ड (PRB) की उद्घाटन बैठक की अध्यक्षता की। इसी के साथ भारत के नए भुगतान शासन ढांचे का संचालन शुरू हुआ। PRB एक सांविधिक निकाय है, जो पहले के BPSS की जगह लेता है।

बोर्ड ने DPSS के कार्यों की समीक्षा की और घरेलू व वैश्विक भुगतान प्रणालियों के प्रमुख फोकस क्षेत्रों पर चर्चा की। मसौदा भुगतान विजन 2028 प्रस्तुत किया गया, साथ ही RBI के डिजिटल भुगतान सर्वेक्षण के निष्कर्ष भी रखे गए। PRB का गठन भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (संशोधित) के तहत किया गया है और इसमें छह सदस्य हैं, जो डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करते हैं।