रक्षा मंत्रालय ने CQB कार्बाइन और भारी टॉरपीडो के लिए ₹4,666 करोड़ के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए
Aसीधा उत्तर
रक्षा मंत्रालय ने 4.25 लाख CQB कार्बाइन और कलवरी पनडुब्बियों के लिए 48 टॉरपीडो के लिए ₹4,666 करोड़ के सौदे किए।
मुख्य तथ्य
रक्षा मंत्रालय ने ₹ 4,666 करोड़ के पूंजी अधिग्रहण अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। ये अनुबंध क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) कार्बाइन और भारी वजन वाले टॉरपीडो के लिए हैं।
कार्बाइन अनुबंध: ₹ 2,770 करोड़, जिसमें सेना और नौसेना के लिए 4.25 लाख से अधिक 5.56 मिमी CQB कार्बाइन शामिल हैं। इनकी आपूर्ति भारत फोर्ज और PLR सिस्टम द्वारा की जाएगी।
टॉरपीडो अनुबंध: ₹ 1,896 करोड़, इटली की WASS सबमरीन सिस्टम्स SRL के साथ 48 भारी वजन वाले टॉरपीडो, जो कलवारी-श्रेणी की पनडुब्बियों में लगाए जाएंगे।
छह कलवारी-श्रेणी (परियोजना-75) पनडुब्बियों के लिए टॉरपीडो; अप्रैल 2028 से डिलीवरी की उम्मीद है।
ये सौदे स्वदेशी निर्माण और सामरिक क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए रक्षा खरीद को मजबूत करते हैं।
रक्षा मंत्रालय ने 5.56 मिमी क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) कार्बाइन और कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों के लिए 48 हैवीवेट टॉरपीडो से जुड़े ₹4,666 करोड़ के पूंजी अधिग्रहण अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। ₹2,770 करोड़ के कार्बाइन अनुबंध में भारतीय सेना और नौसेना के लिए 4.25 लाख से अधिक कार्बाइन शामिल हैं, जिनकी आपूर्ति भारत फोर्ज और PLR सिस्टम्स करेंगे।
₹1,896 करोड़ का टॉरपीडो अनुबंध इटली की WASS सबमरीन सिस्टम्स SRL के साथ छह कलवरी श्रेणी (प्रोजेक्ट-75) पनडुब्बियों के लिए 48 हैवीवेट टॉरपीडो की आपूर्ति और एकीकरण के लिए हस्ताक्षरित हुआ। टॉरपीडो की डिलीवरी अप्रैल 2028 से शुरू होने की उम्मीद है।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: परीक्षण कीजिए कि क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन तथा भारी वजन टॉरपीडो के लिए भारत के हालिया पूंजी अधिग्रहण अनुबंध रक्षा खरीद में स्वदेशी विनिर्माण एवं सामरिक क्षमता निर्माण के दोहरे उद्देश्यों को किस प्रकार दर्शाते हैं।
उत्तर (50 शब्द):
रक्षा मंत्रालय ने 4,666 करोड़ रुपये के पूंजी अनुबंध किए: 2,770 करोड़ रुपये में भारत फोर्ज एवं पीएलआर सिस्टम्स से 4.25 लाख से अधिक क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन, तथा 1,896 करोड़ रुपये में इटली की वास से छह कलवरी श्रेणी पनडुब्बियों के लिए 48 भारी टॉरपीडो, अप्रैल 2028 से आपूर्ति।
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रक्षा मंत्रालय ने 5.56 मिमी क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन की खरीद के लिए ₹2,770 करोड़ का अनुबंध किया। इनका निर्माण कौन-सी कंपनियाँ करेंगी?
व्याख्या · सही उत्तर C
रक्षा मंत्रालय ने 4,666 करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए, जिसमें 4.25 लाख से अधिक क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइनों के लिए 2,770 करोड़ रुपये शामिल हैं। कार्बाइनों का अनुबंध भारत फोर्ज लिमिटेड और PLR सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ किया गया। कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों के लिए WASS (इटली) से 48 हैवी वेट टॉरपीडो के लिए 1,896 करोड़ रुपये का अलग अनुबंध भी किया गया।
रक्षा मंत्रालय ने CQB कार्बाइन के लिए कौन से अनुबंध किए और यह सौदा कितने का था?
**रक्षा मंत्रालय** ने **भारतीय सेना और नौसेना** के लिए **4.25 लाख से अधिक 5.56 मिमी क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) कार्बाइन** खरीदने के लिए **₹2,770 करोड़ का अनुबंध** किया। इन कार्बाइन की आपूर्ति **भारत फोर्ज और PLR सिस्टम्स** करेंगे।
भारत के रक्षा मंत्रालय ने किन पनडुब्बियों के लिए हैवीवेट टॉरपीडो अनुबंध किया?
रक्षा मंत्रालय ने **छह कलवरी श्रेणी (प्रोजेक्ट-75) पनडुब्बियों** के लिए **48 हैवीवेट टॉरपीडो** की आपूर्ति और एकीकरण के लिए **इटली की WASS सबमरीन सिस्टम्स SRL** के साथ **₹1,896 करोड़ का अनुबंध** किया। इन टॉरपीडो की डिलीवरी **अप्रैल 2028** से शुरू होगी।
CQB कार्बाइन और हैवीवेट टॉरपीडो के लिए रक्षा मंत्रालय ने कुल कितनी राशि के अनुबंध किए?
**रक्षा मंत्रालय** ने कुल **₹4,666 करोड़** के पूंजी अधिग्रहण अनुबंध किए: **4.25 लाख+ CQB कार्बाइन** के लिए **₹2,770 करोड़** और कलवरी श्रेणी पनडुब्बियों के लिए **48 हैवीवेट टॉरपीडो** पर **₹1,896 करोड़**।
रक्षा मंत्रालय द्वारा 5.56 मिमी CQB कार्बाइन अनुबंध के लिए आपूर्तिकर्ता कौन हैं?
**₹2,770 करोड़** के **4.25 लाख+ 5.56 मिमी CQB कार्बाइन** अनुबंध के तहत आपूर्ति **भारत फोर्ज** और **PLR सिस्टम्स** करेंगे। ये कार्बाइन **भारतीय सेना और नौसेना** के लिए हैं।
कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियां क्या हैं और उन्हें कितने टॉरपीडो मिलेंगे?
**कलवरी श्रेणी** भारत की **प्रोजेक्ट-75 पनडुब्बियां** हैं जो फ्रांसीसी स्कॉर्पीन तकनीक पर आधारित हैं। भारत ने **WASS (इटली)** के साथ **6 कलवरी श्रेणी** पनडुब्बियों के लिए **48 हैवीवेट टॉरपीडो** का **₹1,896 करोड़** का सौदा किया, डिलीवरी **अप्रैल 2028** से शुरू होगी।
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