मराठा साम्राज्य, शिवाजी और मराठा संघ
मुख्य तथ्य
- 1674 में रायगढ़ पर शिवाजी के राज्याभिषेक ने संप्रभु राजसत्ता, सिक्कों और राज्याभिषेक शक को वैधता दी।
- चौथ सामान्यतः 25 प्रतिशत और सरदेशमुखी अतिरिक्त 10 प्रतिशत राजस्व दावा था।
- 1761 का पानीपत भारी हार था, लेकिन माधवराव प्रथम और महादजी सिंधिया के समय मराठा पुनरुत्थान हुआ।
- 1802 की बसीन संधि ने पेशवा को कंपनी से जोड़ा और मराठा सरदारों को बांट दिया।
- अनुच्छेद 49, अनुच्छेद 51A(f), प्राचीन स्मारक तथा पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 और UNESCO अभिसमय 1972 धरोहर-सुरक्षा से जुड़े हैं।
मुख्य बिंदु
- 1
1674 में रायगढ़ पर शिवाजी के राज्याभिषेक ने संप्रभु राजसत्ता, सिक्कों और राज्याभिषेक शक को वैधता दी।
- 2
अष्टप्रधान शाही परिषद थी, आधुनिक मंत्रिमंडल नहीं; बाद में पेशवा वास्तविक सत्ता का केंद्र बना।
- 3
चौथ सामान्यतः 25 प्रतिशत और सरदेशमुखी अतिरिक्त 10 प्रतिशत राजस्व दावा था।
- 4
1761 का पानीपत भारी हार था, लेकिन माधवराव प्रथम और महादजी सिंधिया के समय मराठा पुनरुत्थान हुआ।
- 5
1802 की बसीन संधि ने पेशवा को कंपनी से जोड़ा और मराठा सरदारों को बांट दिया।
- 6
अनुच्छेद 49, अनुच्छेद 51A(f), प्राचीन स्मारक तथा पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 और UNESCO अभिसमय 1972 धरोहर-सुरक्षा से जुड़े हैं।
- 7
मराठा सैन्य परिदृश्य 2025 में भारत की 44वीं विश्व धरोहर संपत्ति के रूप में सूचीबद्ध हुआ।
- 8
मराठा संघ बदलती सत्ता-व्यवस्था था, कोई औपचारिक संवैधानिक संघ नहीं।
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धारणा: दक्कन के राज्य से अखिल-भारतीय मराठा शक्ति तक
- मराठा साम्राज्य को एक ही ढांचे में बंद करके नहीं पढ़ना चाहिए। UPSC के लिए इसके 3 चरण साफ रखें: शिवाजी का संगठित स्वराज्य, शाहू के बाद पेशवा-नेतृत्व वाला विस्तार, और बड़े घरानों वाला ढीला मराठा संघ।
- शिवाजी की मुख्य धारणा स्वराज्य थी: राजनीतिक स्वायत्तता, किलों पर नियंत्रण, राजस्व में अनुशासन, प्रजा की रक्षा और मराठी-संस्कृत प्रशासनिक शब्दावली के ज़रिए सांस्कृतिक आत्मविश्वास।
- पश्चिमी दक्कन से यह शक्ति इसलिए उभरी क्योंकि भूगोल निर्णायक था: पहाड़ी किले, कठिन भू-आकृति, समुद्री तट और तेज़ घुड़सवार सेना ने बड़ी मुगल और दक्कनी सल्तनती सेनाओं के सामने छोटे राज्य को टिकाया।
- मराठा संघ शब्द बाद के चरण के लिए उपयोगी है। इसमें पुणे का पेशवा, सतारा का छत्रपति और सिंधिया, होलकर, भोंसले तथा गायकवाड़ जैसे घराने अलग-अलग स्तर की निष्ठा और स्वायत्तता के साथ काम करते थे।
- UPSC केवल तारीख नहीं पूछता; वह बदलाव पकड़ता है। शिवाजी के समय का किला-आधारित केंद्रीकृत राज्य धीरे-धीरे राजस्व-वसूली, घुड़सवार विस्तार और क्षेत्रीय घरानों की व्यवस्था में बदला।
- यह विषय मध्यकालीन और आधुनिक भारत को आपस में जोड़ता है। इससे मुगल सत्ता की कमजोरी, 18वीं सदी के क्षेत्रीय राज्यों का उत्कर्ष और ईस्ट इंडिया कंपनी को सर्वोच्च शक्ति बनने से पहले 3 आंग्ल-मराठा युद्ध क्यों लड़ने पड़े, समझ आता है।
- कला और संस्कृति यहां अलग हिस्सा नहीं हैं। किले, समुद्री रक्षा, मुहरें, सिक्के, दरबारी भाषा, राज्याभिषेक शक और 2025 में मराठा सैन्य परिदृश्य को मिली UNESCO मान्यता राजनीतिक इतिहास को धरोहर से जोड़ती है।
- सुरक्षित परिभाषा यह है: मराठा शक्ति आरंभिक आधुनिक भारत की ऐसी राजव्यवस्था थी जो शिवाजी के दक्कनी स्वराज्य से शुरू हुई, पेशवाओं के समय बड़े भू-भाग में फैली और बाद में अर्ध-स्वायत्त मराठा घरानों के ज़रिए चली।
- दो गलतियां न करें: शुरुआत से हर मराठा सरदार को स्वतंत्र न मानें, और 18वीं सदी के मध्य के बाद पेशवा को केवल नाममात्र का मंत्री न समझें।
- परीक्षा में असली वज़न संस्था और प्रक्रिया के संबंध में है: किलों से रक्षा बनी, चौथ से विस्तार चला, अष्टप्रधान से प्रशासन औपचारिक हुआ, और मराठा संघ की राजनीति ने पहुंच भी दी तथा कमजोरी भी पैदा की।
- इसलिए साम्राज्य शब्द सावधानी से इस्तेमाल करें। यह बड़े भू-प्रभाव को दिखाता है, लेकिन हर जगह मुगल ढंग का एकसमान शाही प्रशासन नहीं बताता।
- एक और फर्क याद रखें: मराठा समुदाय, मराठा राज्य और मराठा संघ एक ही चीज़ नहीं हैं। जातीय-सामाजिक पहचान, शासन-तंत्र और बाद की राजनीतिक साझेदारी आपस में जुड़ते हैं, पर पूरी तरह समान नहीं।
- मानचित्र-आधारित प्रश्न में केंद्र को सह्याद्रि-कोंकण-दक्कन क्षेत्र में रखें, फिर विस्तार को मालवा, गुजरात, बुंदेलखंड, ओडिशा और दिल्ली की दरबारी राजनीति तक देखें।
- अंत में इस विषय को राज्य-निर्माण की प्रक्रिया की तरह पढ़ें। शिवाजी ने वैधता और कमान बनाई; पेशवाओं ने उसे व्यापक दावों में बदला; मराठा संघ ने सत्ता फैलाई; कंपनी ने संधियों को सर्वोच्चता में बदल दिया।
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1MCQचौथ और सरदेशमुखी के बारे में कथनों पर विचार करें: 1. चौथ सामान्यतः चौथाई राजस्व दावा था। 2. सरदेशमुखी अतिरिक्त 10 प्रतिशत दावा था। 3. चौथ वसूली का अर्थ हमेशा प्रत्यक्ष विलय था। कौन-से कथन सही हैं?
व्याख्या
कथन 1 और 2 सही हैं; चौथ का अर्थ अपने-आप प्रत्यक्ष शासन या विलय नहीं था।
~50 शब्द · 1 अंक
