तैयारी गाइड
UPSC CSAT में पास होने के लिए कितने मार्क्स चाहिए?
UPSC CSAT में कम से कम 33% चाहिए, इसलिए तय सीमा 200 में 66 मार्क्स है। पेपर में 80 बराबर अंकों वाले सवाल और गलत उत्तर पर 1/3 नेगेटिव मार्किंग होने के कारण सीमा के ऊपर मिलने वाला सबसे नजदीकी स्कोर 66.67 हो सकता है; जैसे 28 सही और 4 गलत उत्तर पर लगभग 66.67 मार्क्स बनते हैं। CSAT केवल क्वालीफाइंग है और इसके मार्क्स मेरिट में नहीं जुड़ते।
CSAT में पास होने के लिए 66 चाहिए या 66.67 मार्क्स?
UPSC का आधिकारिक नियम सामान्य अध्ययन पेपर 2 में 33% है, जिसे CSAT कहा जाता है। पेपर 200 मार्क्स का है, इसलिए 33% का सही हिसाब 66 मार्क्स होता है, 66.67 नहीं। 66.67 असल में 200 का एक-तिहाई है। फिर भी 80 सवालों में हर सवाल 2.5 मार्क्स का होने और गलत उत्तर पर उसका 1/3 कटने के कारण सही और गलत उत्तरों के कुछ हिसाब में 66 से ऊपर का सबसे नजदीकी स्कोर 66.67 बनता है। आधिकारिक सीमा 66 मानें, लेकिन ठीक सीमा पर रुकने की तैयारी न करें। साथ ही उस वर्ष की GS पेपर 1 कट-ऑफ भी अलग से पार करनी होगी। केवल CSAT पास करने से मुख्य परीक्षा के लिए चयन नहीं होता।
नेगेटिव मार्किंग के बाद कितने सही उत्तर चाहिए?
2026 की आधिकारिक परीक्षा पुस्तिका में 200 मार्क्स के 80 बराबर अंकों वाले सवाल हैं, इसलिए हर सही उत्तर पर 2.5 मार्क्स मिलते हैं। गलत उत्तर पर 2.5 का 1/3, यानी लगभग 0.83 मार्क्स कटता है; छोड़े गए सवाल पर कोई कटौती नहीं होती। हिसाब रखें: स्कोर = 2.5 × सही − (2.5 ÷ 3) × गलत। तालिका में स्कोर को दशमलव के 2 अंकों तक लिखा गया है।
| सही | गलत | छोड़े | स्कोर | नतीजा |
|---|---|---|---|---|
| 26 | 0 | 54 | 65.00 | 33% से कम |
| 27 | 0 | 53 | 67.50 | पास |
| 28 | 4 | 48 | 66.67 | पास |
| 30 | 9 | 41 | 67.50 | पास |
सभी के लिए कितने सवाल करना सुरक्षित होगा, इसकी एक तय संख्या नहीं है, क्योंकि नतीजा सही उत्तरों के अनुपात पर निर्भर है। अभ्यास पेपर का स्कोर गलत उत्तरों की पूरी कटौती करके निकालें, केवल सही उत्तर न गिनें।
CSAT क्वालीफाइंग है या UPSC मेरिट में जुड़ता है?
CSAT केवल क्वालीफाइंग पेपर है। UPSC पहले देखता है कि सामान्य अध्ययन पेपर 2 में न्यूनतम 33% मार्क्स मिले हैं या नहीं। यह शर्त पूरी करने वाले अभ्यर्थियों की प्रारंभिक परीक्षा कट-ऑफ केवल GS पेपर 1 के आधार पर बनती है। CSAT के मार्क्स GS पेपर 1 में नहीं जुड़ते, प्रारंभिक परीक्षा का कट-ऑफ स्कोर नहीं बढ़ाते और अंतिम मेरिट में भी शामिल नहीं होते। फिर भी यह पेपर वैकल्पिक नहीं है; UPSC के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा के दोनों पेपर में बैठना ज़रूरी है। दोनों शर्तें अलग समझें—CSAT पास करें और GS पेपर 1 की कट-ऑफ भी पार करें। GS पेपर 1 का ऊंचा स्कोर CSAT में 33% से कम मार्क्स की भरपाई नहीं कर सकता, और CSAT का ऊंचा स्कोर GS पेपर 1 की कमी नहीं भरता।
UPSC CSAT का पूरा सिलेबस क्या है?
UPSC ने पेपर 2 के आधिकारिक सिलेबस में 7 हिस्से बताए हैं:
- गद्यांश पढ़कर समझना;
- लोगों से व्यवहार और बातचीत का कौशल;
- तार्किक सोच और विश्लेषण;
- निर्णय लेना और समस्या सुलझाना;
- सामान्य मानसिक योग्यता;
- कक्षा 10 स्तर का बुनियादी गणित, जिसमें संख्याएं, उनके संबंध और परिमाण शामिल हैं; और
- कक्षा 10 स्तर पर चार्ट, ग्राफ और तालिका में दिए आंकड़ों को समझना और यह तय करना कि उपलब्ध आंकड़े जवाब के लिए काफी हैं या नहीं।
पेपर 200 मार्क्स का होता है और समय 2 घंटे है। सिलेबस अध्यायों की लंबी सूची के बजाय बड़े हिस्से बताता है। इसलिए केवल गणित आसान लगने पर गद्यांश पढ़ने का अभ्यास न छोड़ें और पढ़ने में पकड़ होने पर गणित से दूरी न बनाएं। पुराने आधिकारिक पेपर देखकर समझें कि UPSC तय समय के एक ही पेपर में इन हिस्सों को किस तरह मिलाता है।
अच्छी तैयारी वाले अभ्यर्थी भी CSAT में क्यों फेल होते हैं?
“टॉपर भी CSAT में फेल हो जाते हैं” कहना पूरी तरह सही नहीं है, लेकिन इसके पीछे का खतरा असली है। कोई अभ्यर्थी GS पेपर 1 में अच्छा कर सकता है और फिर भी CSAT के कारण रुक सकता है, क्योंकि दोनों शर्तें अलग जांची जाती हैं। आम गलतियां हैं—CSAT को आखिर तक टालना, केवल विषयवार सवाल लगाना लेकिन समय बांधकर पूरा पेपर न करना, स्कूली गणित पर जरूरत से ज़्यादा भरोसा करना और गलत उत्तरों की कटौती किए बिना स्कोर गिनना। लंबे गद्यांश और कई चरणों वाले तर्क के सवाल समय पर दबाव बढ़ाते हैं; हल होने वाला सवाल भी खराब चुनाव हो सकता है, अगर वह 2 घंटे के पेपर का बहुत समय खा जाए। UPSC कठिनाई की कोई आधिकारिक श्रेणी नहीं देता। फिर भी इंडियन एक्सप्रेस के 2025 के विश्लेषण ने उस पेपर को हाल के वर्षों के सबसे कठिन पेपरों में गिना और 2023 से कठिनाई बढ़ने की बात कही। इसलिए CSAT को बिना तैयारी के आसानी से पास होने वाला पेपर मानना ठीक नहीं है।
CSAT की तैयारी जरूरत से ज़्यादा बढ़ाए बिना कैसे करें?
शुरुआत किसी हाल के आधिकारिक पेपर से करें। पूरे 2 घंटे में पेपर हल करें और गलत उत्तरों पर 1/3 कटौती करके स्कोर निकालें। गलतियों को गद्यांश समझने, गणित, तर्क, सवाल चुनने और जल्दबाजी में हुई चूक के हिसाब से अलग करें। सबसे कमजोर हिस्से पर पहले काम करें, लेकिन मिले-जुले सवालों का अभ्यास बनाए रखें, क्योंकि वास्तविक पेपर विषयवार अलग-अलग नहीं आता। समय बांधकर पूरे पेपर दोहराएं और हर बार तीन बातें लिखें—कटौती के बाद स्कोर, बीच में छोड़े सवालों पर गया समय और बार-बार होने वाली गलतियां। न्यूनतम सीमा को लक्ष्य बनाने के बजाय उससे ऊपर की गुंजाइश रखें। परीक्षा में पहले पहचाने हुए और छोटे सवाल चुनें। किसी सवाल में आगे न बढ़ पाएं तो उसे छोड़ें और समय बचने पर लौटें। लक्ष्य ज़्यादा सवाल करना नहीं, बल्कि पूरे पेपर में भरोसेमंद क्वालीफाइंग स्कोर हासिल करना है।
आधिकारिक स्रोत
इस गाइड के लिए उपयोग किए गए स्रोत दस्तावेज़ देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
CSAT में 200 का 33% कितने मार्क्स है?
यह 66 मार्क्स है। आम तौर पर बताया जाने वाला 66.67, 200 का एक-तिहाई है और पेपर के अंक-हिसाब में 66 से ऊपर मिलने वाला अगला संभव स्कोर हो सकता है।
क्या CSAT के मार्क्स UPSC प्रारंभिक परीक्षा की कट-ऑफ में जुड़ते हैं?
नहीं। पहले CSAT में 33% लेकर पास होना ज़रूरी है; इसके बाद प्रारंभिक परीक्षा की कट-ऑफ केवल GS पेपर 1 से बनती है।
CSAT में एक गलत उत्तर पर कितने मार्क्स कटते हैं?
सवाल के मार्क्स का 1/3 कटता है। 80 सवाल वाले पेपर में हर सवाल 2.5 मार्क्स का होने से यह कटौती लगभग 0.83 मार्क्स है।
क्या 27 सही उत्तर CSAT पास करने के लिए काफी हैं?
हां, अगर बाकी सवाल छोड़े हों तो 27 × 2.5 से 67.5 मार्क्स बनते हैं। गलत उत्तरों की कटौती इस स्कोर को पास सीमा से नीचे ला सकती है।
क्या CSAT में सवालों की कोई तय सुरक्षित संख्या है?
नहीं। कितने सवाल करने चाहिए, यह आपके सही उत्तरों के अनुपात पर निर्भर है, क्योंकि हर गलत उत्तर पर 1/3 कटौती होती है। केवल किए गए सवाल न गिनें; पूरे अभ्यास पेपर का स्कोर देखें।
