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MCQ

लोक प्रशासन MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए लोक प्रशासन के 80 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1वुडरो विल्सन के 1887 के निबंध द स्टडी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन को लोक प्रशासन के विकास में मील का पत्थर क्यों माना जाता है?

A इसने घोषित किया कि कार्यपालिका के सभी कार्य न्यायालयों को करने चाहिए।
B इसने लोक प्रशासन को निजी व्यापारिक लेखांकन तक घटा दिया।
C इसने प्रशासन के व्यवस्थित अध्ययन का तर्क दिया और उसे अध्ययन के अलग क्षेत्र के रूप में उभारने में मदद की।
D इसने संयुक्त राज्य अमेरिका में सिविल सेवा प्रणाली को समाप्त कर दिया।
व्याख्या

विल्सन का 1887 का निबंध इसलिए महत्वपूर्ण है कि उसने यह प्रश्न उठाया कि सरकार उचित रूप से क्या कर सकती है और उन कामों को कुशलता से कैसे कर सकती है। बाद के विद्वान इसे मील का पत्थर मानते हैं, क्योंकि इसने प्रशासन को केवल व्यावहारिक सरकारी गतिविधि से आगे बढ़ाकर व्यवस्थित अध्ययन-क्षेत्र के रूप में स्थापित करने की दिशा दी।

प्र.2राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत किस स्थिति में आवेदक को प्रथम अपील करने का वैधानिक आधार मिलता है?

A आवेदन अस्वीकार हो जाए या निर्धारित समय-सीमा में सेवा न दी जाए
B आवेदक अधिसूचित सेवाओं से असंबंधित सभी सरकारी शुल्कों से छूट चाहता है
C आवेदक चाहता है कि अधिसूचित सेवा को न्यायिक डिक्री में बदल दिया जाए
D आवेदक राज्य मंत्रिमंडल के नीतिगत निर्णय से असहमत है
व्याख्या

राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2011 जवाबदेही को अधिसूचित सेवाओं और समय-सीमाओं से जोड़ता है। यदि आवेदन अस्वीकार कर दिया जाए या निर्धारित समय में सेवा न दी जाए, तो आवेदक निर्धारित अवधि के भीतर प्रथम अपील कर सकता है।

प्र.3राजस्थान के राज्य प्रशासन में सचिवालय और निदेशालय के संबंध को लेकर लोक प्रशासन में पूछा जाने वाला पारंपरिक भेद किस विकल्प में सबसे ठीक बैठता है?

A सचिवालय मुख्यतः क्षेत्रीय क्रियान्वयन एजेंसी है, जबकि निदेशालय मुख्य रूप से मंत्रिमंडल ज्ञापन और विधायी नीति-टिप्पणियां तैयार करते हैं।
B निदेशालय स्वतंत्र संवैधानिक निकाय होते हैं, इसलिए सचिवालय के प्रशासनिक विभाग उनकी निगरानी नहीं कर सकते।
C सचिवालय नीति, नियम, बजटीय नियंत्रण और अंतरविभागीय समन्वय में मंत्रियों की सहायता करता है, जबकि निदेशालय स्वीकृत नीति को कार्यक्रमों में बदलते हैं और अधीनस्थ क्षेत्रीय कार्यालयों की निगरानी करते हैं।
D सचिवालय और निदेशालय एक जैसे काम करते हैं; अंतर सिर्फ़ इतना है कि सचिवालय के दफ़्तर जयपुर में होते हैं।
व्याख्या

इस विषय में कठिन प्रश्न आम तौर पर कार्यालयों के नामों की सूची नहीं, बल्कि काम के आधार पर भेद पूछता है। राज्य सचिवालय मंत्रियों और मंत्रिपरिषद की सेवा करने वाली उच्च नीति और समन्वय मशीनरी है: नियम, बजट, फ़ाइलें, अंतरविभागीय निर्णय और नियंत्रण। निदेशालय सामान्यतः निदेशक या आयुक्त के अधीन होते हैं और स्वीकृत नीतियों को विभागीय कार्यक्रमों, निर्देशों और क्षेत्रीय स्तर की निगरानी में बदलते हैं।

प्र.4सिलेबस में शामिल तीन जवाबदेही संस्थाओं की तुलना में परीक्षा-उत्तर के लिए सबसे मज़बूत कथन कौन-सा है?

A लोकायुक्त और राज्य मानवाधिकार आयोग, राज्य निर्वाचन आयोग के अधीनस्थ निदेशालय हैं।
B राज्य निर्वाचन आयोग स्थानीय निकाय चुनावों के लिए संवैधानिक प्राधिकरण है; लोकायुक्त वैधानिक भ्रष्टाचार-रोधी और कुप्रशासन संस्था है; राज्य मानवाधिकार आयोग मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत वैधानिक मानवाधिकार निकाय है।
C तीनों संवैधानिक निकाय हैं और सीधे अनुच्छेद 243-के, 243-ज़ेडए तथा 324 से बने हैं।
D तीनों राज्य सचिवालय के सामान्य विभाग हैं, जिनका नेतृत्व शासन सचिव करते हैं।
व्याख्या

सबसे सुरक्षित तुलनात्मक उत्तर हर संस्था के कानूनी स्रोत और कार्यक्षेत्र को अलग-अलग बताता है। राज्य निर्वाचन आयोग स्थानीय निकाय चुनावों की अपनी मूल शक्ति अनुच्छेद 243-के और 243-ज़ेडए से लेता है। राजस्थान लोकायुक्त भ्रष्टाचार, शक्ति के दुरुपयोग और कुप्रशासन जैसे आरोपों के लिए राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के तहत बना है। राज्य मानवाधिकार आयोग मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत वैधानिक क्षेत्र में मानवाधिकार जांच के लिए गठित होता है।

प्र.5विभागाध्यक्ष कहता है कि फील्ड कर्मचारी नए नियुक्त हैं और काम नियमित प्रकृति का नहीं है, इसलिए निकट निगरानी ज़रूरी है। इस तर्क से कौन-सी संगठनात्मक व्यवस्था सबसे स्वाभाविक रूप से निकलती है?

A निकट निगरानी के साथ नियंत्रण का संकीर्ण क्षेत्र
B लाइन अधिकार के स्थान पर स्टाफ अधिकार
C सोपानक्रम का पूर्ण उन्मूलन
D कम पर्यवेक्षण स्तरों के साथ नियंत्रण का व्यापक क्षेत्र
व्याख्या

नियंत्रण का क्षेत्र उस संख्या को बताता है जितने अधीनस्थों को कोई वरिष्ठ प्रभावी ढंग से निर्देशित कर सकता है। जब काम जटिल हो या अधीनस्थों को प्रशिक्षण की जरूरत हो, तो संकीर्ण नियंत्रण-क्षेत्र बेहतर माना जाता है, क्योंकि वरिष्ठ प्रत्येक अधीनस्थ पर अधिक ध्यान दे सकता है। व्यापक नियंत्रण-क्षेत्र उन नियमित कार्यों के लिए अधिक उपयुक्त है जिन्हें सक्षम कर्मचारी संभाल रहे हों।

आपने 80 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6लोक प्रशासन की प्रकृति पर चर्चा करते समय, उसे सामान्य निजी प्रबंधन से सबसे सीधे अलग करने वाली विशेषता कौन-सी है?

Aयह सार्वजनिक कानून, सार्वजनिक जवाबदेही और जन-कल्याणमुखी उद्देश्यों के तहत काम करता है।
Bयह हमेशा राजनीतिक नियंत्रण, विधायी निगरानी और नागरिक दबाव से मुक्त रहता है।
Cकानून बन जाने के बाद नीति-क्रियान्वयन से इसका कोई संबंध नहीं रहता।
Dयह हर स्थिति में पदानुक्रम, फ़ाइलों, प्रक्रियाओं और बजट से बचता है।

7स्वतंत्र विषय के रूप में लोक प्रशासन के महत्व को सबसे ठीक कौन-सा कथन समझाता है?

Aयह तभी महत्वपूर्ण है जब सरकारी गतिविधि बहुत छोटी और सरल हो।
Bयह राजनीति विज्ञान, कानून, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र से सभी संबंधों को अस्वीकार करता है।
Cयह केवल प्रसिद्ध मंत्रियों की व्यक्तिगत जीवनियां पढ़ता है।
Dयह सरकारी संगठन, सार्वजनिक नीति के क्रियान्वयन और प्रशासनिक जवाबदेही के अध्ययन के लिए अवधारणाएं और पद्धतियां विकसित करता है।

8एक शिकायत में आरोप है कि राजस्थान के एक मंत्री ने निजी लाभ के लिए पद का दुरुपयोग किया। दूसरी शिकायत में आरोप है कि किसी लोक सेवक की लापरवाही से हिरासत में दुर्व्यवहार हुआ। अधिकार-क्षेत्र की दृष्टि से कौन-सा संस्थागत युग्म सबसे उपयुक्त है?

Aदोनों शिकायतों को सामान्यतः राज्य निर्वाचन आयोग देखे, क्योंकि दोनों लोक-जवाबदेही से जुड़ी हैं।
Bपद-दुरुपयोग की शिकायत लोकायुक्त व्यवस्था के अंतर्गत आएगी, जबकि हिरासत से जुड़ी मानवाधिकार शिकायत राज्य मानवाधिकार आयोग की व्यवस्था के अंतर्गत आएगी।
Cसंबंधित निदेशालय ही दोनों शिकायतों का अंतिम निर्णय करे, क्योंकि निदेशालय मैदान में विभागीय योजनाएं लागू करते हैं।
Dदोनों शिकायतें राज्य सचिवालय को जाएं, क्योंकि वह विभागों के ऊपर स्थित उच्च प्रशासनिक कार्यालय है।

9लोक प्रशासन के परिचयात्मक अध्ययन में प्रयुक्त शास्त्रीय अर्थ को सबसे ठीक कौन-सा कथन व्यक्त करता है?

Aकॉरपोरेट प्रबंधन के जरिए निजी लाभ को अधिकतम करने का अध्ययन
Bसरकारी संस्थाओं के माध्यम से सार्वजनिक नीति और कानून का संगठित क्रियान्वयन
Cकेवल न्यायालयों द्वारा कानूनों की न्यायिक व्याख्या
Dराजनीतिक पद पाने के लिए चुनाव-प्रचार और दलगत प्रतिस्पर्धा की प्रक्रिया

10राजस्थान में राज्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्ति के बाद सेवा-शर्तों में ऐसे बदलाव का विरोध करता है, जिससे स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान संस्था की स्वतंत्रता घटे। कौन-सा संवैधानिक संरक्षण सीधे लागू होता है?

Aस्थानीय चुनाव राज्य सूची का विषय हैं, इसलिए राज्यपाल अध्यादेश से सेवा-शर्तें घटा सकता है।
Bयदि उस समय स्थानीय चुनाव नहीं हो रहे हों, तो मुख्य सचिव आयुक्त को किसी भी सचिवालय पद पर स्थानांतरित कर सकता है।
Cआयुक्त को भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक जैसी पूरी कार्यकाल-सुरक्षा नियमावली प्राप्त है।
Dराज्य निर्वाचन आयुक्त की सेवा-शर्तें नियुक्ति के बाद उसके अहित में नहीं बदली जा सकतीं, और हटाने की सुरक्षा अनुच्छेद 243-के में बताए तरीके से मिलती है।

11राजस्थान में राज्य सरकार प्रशासनिक कारणों से कुछ नगरपालिका निकायों के चुनाव टालना चाहती है, जबकि राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने पर अड़ा है। आयोग के पक्ष को सबसे मज़बूत संवैधानिक आधार कौन-सा है?

Aविवाद राज्य कार्मिकों से जुड़ा है, इसलिए राजस्थान लोक सेवा आयोग नगरपालिका चुनावों में कार्मिक व्यवस्था की निगरानी कर सकता है।
Bनगर स्थानीय निकाय स्थानीय स्वशासन विभाग के प्रशासन में आते हैं, इसलिए नगरपालिका चुनावों के समय और मतदाता सूची की तैयारी पर राज्य सचिवालय का अवशिष्ट नियंत्रण रहता है।
Cअनुच्छेद 324 नगरपालिका चुनाव प्रक्रिया सीधे भारत निर्वाचन आयोग को सौंपता है, इसलिए राज्य निर्वाचन आयोग केवल उसके प्रतिनिधि की तरह काम कर सकता है।
Dअनुच्छेद 243-ज़ेडए, अनुच्छेद 243-के में दिए राज्य निर्वाचन आयोग के ढांचे को नगरपालिकाओं पर लागू करता है, जिसमें मतदाता सूचियों और चुनावों पर अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण शामिल है।

12लोक प्रशासन के क्षेत्र का व्यापक दृष्टिकोण संकीर्ण प्रबंधकीय दृष्टिकोण से अलग है, क्योंकि व्यापक दृष्टिकोण में शामिल होता है-

Aसरकारी अंगों में सार्वजनिक नीति के निर्माण, क्रियान्वयन और प्रवर्तन से जुड़ी सभी गतिविधियाँ
Bकेवल लोक सेवकों के आंतरिक अनुशासन नियम
Cकेवल वित्त विभाग द्वारा बजट तैयार करना
Dकेवल मुख्य कार्यपालिका की योजना और बजट-निर्माण संबंधी तकनीकें

13प्रशासन में कार्यक्रमबद्ध निर्णय का प्रयोग सबसे अधिक किस प्रकार की समस्या में किया जाता है?

Aनई, अनिश्चित और बिना किसी पूर्व संगठनात्मक अनुभव वाली समस्या
Bकेवल प्रतीकात्मक और संगठनात्मक कार्रवाई से असंबंधित समस्या
Cइतनी जटिल समस्या कि कोई नियम या नीति लागू न हो सके
Dनियमित, बार-बार आने वाली और स्थापित नियमों या प्रक्रियाओं से ढकी हुई समस्या

14सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

Aजीवन या स्वतंत्रता से संबंधित सूचना आवेदन प्राप्त होने के अड़तालीस घंटे के भीतर दी जानी होती है।
Bयह अधिनियम केवल केंद्र सरकार के मंत्रालयों पर लागू होता है, राज्य के लोक प्राधिकरणों पर नहीं।
Cकेवल पंजीकृत मतदाता ही किसी लोक प्राधिकरण से सूचना मांग सकते हैं।
Dलोक प्राधिकरण हर आवेदन को केवल यह कहकर अस्वीकार कर सकता है कि सूचना इकट्ठी करना असुविधाजनक है।

15प्रशासनिक संगठन में औपचारिक संचार की सबसे सही पहचान निम्नलिखित में से कौन-सी है?

Aकार्यालय के काम से असंबंधित निजी संदेश
Bसंगठन-चार्ट में दिखाए गए आधिकारिक मार्ग से आगे बढ़ता लिखित आदेश
Cदोपहर के भोजन के समय दो कर्मचारियों के बीच हुई आकस्मिक बातचीत
Dव्यक्तिगत मित्रता के जाल से फैलती हुई अफवाह

सामाजिक विज्ञान — भाग II (स्नातक स्तर) में और विषय

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