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MCQ

संस्कृत: स्नातक स्तर MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए संस्कृत: स्नातक स्तर के 252 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1संस्कृत छन्दशास्त्र के परिचयात्मक प्रश्नों में अनुष्टुप् की सामान्य प्रारम्भिक विशेषता कौन-सी मानी जाती है?

A इसके प्रत्येक पाद में सात-सात वर्णों के तीन समान खंड होते हैं।
B यह 16 और 18 वर्णों वाले वैकल्पिक पादों का अर्धसमवृत्त है।
C इसे पाद में आठ वर्णों वाला छन्द माना जाता है।
D इसके प्रत्येक पाद में 11 वर्ण होते हैं और यह त्रिष्टुभ् वर्ग में आता है।
व्याख्या

सामान्य परिचयात्मक प्रश्न में अनुष्टुप् की पहचान प्रायः आठ वर्णों वाले पाद से की जाती है। पथ्या और विपुला जैसे सूक्ष्म नियम आगे पढ़े जा सकते हैं, पर आरंभिक पहचान आठ वर्णों का चतुर्थांश ही है।

प्र.2साधारण उपमा के बजाय उत्प्रेक्षा को सबसे स्पष्ट रूप से कौन-सा उदाहरण दिखाता है?

A उसका मुख ऐसा लगता है मानो स्नेहवश चन्द्र पृथ्वी पर उतर आया हो।
B उसका मुख आंगन का चन्द्र है।
C कोई चन्द्र उसके मुख के बराबर नहीं है।
D उसका मुख चन्द्र के समान है, क्योंकि दोनों उज्ज्वल हैं।
व्याख्या

उत्प्रेक्षा केवल समानता का कथन नहीं है; उसमें कल्पनात्मक सम्भावना जुड़ती है, जैसे “मानो” या “शायद” की छाया। पहले विकल्प में चन्द्र के उतर आने की कल्पना है, जबकि बाकी विकल्प उपमा, रूपकम् और व्यतिरेकः को दिखाते हैं।

प्र.3अथर्ववेद से विशेष रूप से संबद्ध ब्राह्मणग्रंथ कौन-सा है?

A गोपथ ब्राह्मण
B शतपथ ब्राह्मण
C ऐतरेय ब्राह्मण
D ताण्ड्य ब्राह्मण
व्याख्या

मुख्य ब्राह्मणग्रंथों में ऐतरेय और कौषीतकि ऋग्वेद से, शतपथ शुक्ल यजुर्वेद से, तैत्तिरीय कृष्ण यजुर्वेद से और ताण्ड्य जैसे कई ग्रंथ सामवेद से जोड़े जाते हैं। अथर्ववेद का प्रतिनिधि ब्राह्मणग्रंथ गोपथ ब्राह्मण है। इसलिए यही सटीक उत्तर है।

प्र.4शार्दूलविक्रीडितम् की कौन-सी प्रारम्भिक पहचान सही है?

A यह 19 वर्णों वाला छन्द है।
B यह 16 और 18 वर्णों वाला अर्धसमवृत्त है।
C इसमें वसन्ततिलका की तरह प्रति पाद 14 वर्ण होते हैं।
D यह आर्या का 30 और 27 मात्राओं वाला रूप है।
व्याख्या

शार्दूलविक्रीडितम् को प्रायः उसके लंबे 19 वर्णों वाले पाद और नाम से जुड़ी पारंपरिक छवि के कारण याद रखा जाता है। आसान परीक्षा-प्रश्न में इसकी सबसे सुरक्षित पहचान वर्ण-संख्या ही है।

प्र.5सूचीबद्ध छन्दों में कौन-सा समवृत्त सामान्यतः प्रत्येक पाद में इक्कीस अक्षरों वाला माना जाता है?

A स्रग्धरा
B वसन्ततिलका
C हरिणी
D द्रुतविलम्बितम्
व्याख्या

स्रग्धरा वह सूचीबद्ध छन्द है जिसके प्रत्येक पाद में इक्कीस अक्षर माने जाते हैं। परीक्षा में शीघ्र पहचान के लिए इसे शार्दूलविक्रीडितम् से अलग रखें, जिसमें उन्नीस अक्षर होते हैं, और वसन्ततिलका या द्रुतविलम्बितम् जैसे छोटे छन्दों से भी अलग पहचानें।

आपने 252 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6किस समूह में केवल पञ्चमहायज्ञ ही दिए गए हैं?

Aगर्भाधान, पुंसवन, सीमन्तोन्नयन, जातकर्म और नामकरण
Bधर्म, अर्थ, काम, मोक्ष और कर्म
Cदेव, पितृ, भूत, मनुष्य और ब्रह्म यज्ञ
Dअश्वमेध, राजसूय, वाजपेय, अग्निष्टोम और सोमयाग

7पाठ्यक्रम-सूची में किस छन्द के प्रत्येक पाद में पंद्रह अक्षर होते हैं?

Aहरिणी
Bशार्दूलविक्रीडितम्
Cस्रग्धरा
Dमालिनी

8जीविका कमाने, पारिवारिक उत्तरदायित्व निभाने और पञ्चमहायज्ञ जैसे सामाजिक-धार्मिक कर्तव्यों को सम्भालने से मुख्यतः कौन-सा आश्रम जुड़ा है?

Aगृहस्थ
Bब्रह्मचर्य
Cसंन्यास
Dवानप्रस्थ

9ऋग्वेद 1.1 के आरम्भिक अग्निसूक्त में अग्नि के लिए याज्ञिक विशेषणों का संक्षिप्त क्रम मिलता है। कौन-सा विकल्प उस क्रम को सबसे ठीक रखता है?

Aसहस्रशीर्ष पुरुष, विश्वयज्ञ, छन्दों का स्रोत और वर्णों की उत्पत्ति
Bपुरोहितम्, यज्ञस्य देवम्, ऋत्विजम्, होतारम् और रत्नधातमम्
Cऋत का गोप्ता, जलों का राजा, पाशधारी और छिपे पाप का ज्ञाता
Dवृत्रहन्ता, जलों का विमोचक, वज्रधारी और सोम का स्वामी

10अश्वघोष के संदर्भ में कौन-सा युग्म सही है?

Aअश्वघोष — नैषधीयचरितम्, निषध के नल पर आधारित महाकाव्य
Bअश्वघोष — मुद्राराक्षसम्, चाणक्य और चन्द्रगुप्त पर आधारित राजनीतिक नाटक
Cअश्वघोष — दशकुमारचरितम्, दस राजकुमारों से जुड़ा गद्य-रोमांस
Dअश्वघोष — बुद्धचरितम्, बुद्ध के जीवन का संस्कृत काव्यात्मक आख्यान

11परम्परागत व्यवहारिक ज्ञान-वर्गीकरण में चार उपवेदों के रूप में सामान्यतः कौन-सा समूह दिया जाता है?

Aआयुर्वेद, धनुर्वेद, गान्धर्ववेद और अर्थशास्त्र
Bशिक्षा, कल्प, व्याकरण और निरुक्त
Cऐतरेय, कौषीतकि, तैत्तिरीय और शतपथ
Dऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद

12"अभितः परितः समया निकषा हाप्रतियोगेऽपि" से नियत विशेष द्वितीया का सबसे अच्छा उदाहरण कौन-सा वाक्य है?

Aग्रामात् अभितः वनम् अस्ति।
Bग्रामे अभितः वनम् अस्ति।
Cग्रामस्य अभितः वनम् अस्ति।
Dग्रामम् अभितः वनम् अस्ति।

13ऋग्वेद 1.1 में अग्नि को पुरोहितम्, ऋत्विजम्, होतारम् और रत्नधातमम् कहा गया है। आरम्भिक मन्त्र में होतारम् पद से अग्नि की कौन-सी याज्ञिक भूमिका मुख्य रूप से सूचित होती है?

Aआरम्भ में प्रकट हुआ हिरण्यगर्भ
Bवह विराट् पुरुष जिसके अंगों से सामाजिक वर्ग उत्पन्न होते हैं
Cपाश से पापियों को बाँधने वाला राजसत्तात्मक रक्षक
Dयज्ञ में आह्वान करने और हवि अर्पित करने वाला पुरोहित

14कवि कहता है, “सूर्य उदित नहीं हुआ, फिर भी कमल खिल गया।” सामान्य कारण के बिना कार्य का वर्णन हो तो कौन-सा अलङ्कार सूचित होता है?

Aदीपकम्
Bविशेषोक्तिः
Cविभावना
Dतुल्ययोगिता

15किसी पद्य में एक ही अभिव्यक्ति से प्रसंगानुसार दो अर्थ साथ-साथ निकलते हैं। यहाँ किस अलंकार की पहचान पूछी जा रही है?

Aश्लेष
Bयमक
Cदीपक
Dस्वभावोक्ति

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