RAS प्रश्न
चीनी तीर्थयात्री ह्वेनसांग ने किसके शासनकाल में भारत का दौरा किया?
सही उत्तर: (B) हर्षवर्धन।
श्वेनज़ांग, जिन्हें ह्वेनसांग भी कहा जाता है, ने हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत की यात्रा की थी।
व्याख्या
श्वेनज़ांग, जिन्हें ह्वेनसांग भी कहा जाता है, चीनी तीर्थयात्री थे और उनका संबंध हर्षवर्धन के काल से था, अन्य विकल्पों में दिए गए मौर्य, कुषाण या गुप्त शासकों से नहीं। हर्षवर्धन ने 606 से 647 ईस्वी तक कन्नौज पर शासन किया। ह्वेनसांग की भारत-यात्रा 629 से 645 ईस्वी के बीच हुई; उन्होंने हर्ष के दरबार और नालंदा विश्वविद्यालय में समय बिताया। उनके यात्रा-वृत्तांत ‘सी-यू-की’, यानी ‘पश्चिमी प्रदेशों का विवरण’, से 7वीं शताब्दी के भारत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। NCERT की पुस्तक ‘भारतीय इतिहास के कुछ विषय’ के विषय 2 ‘राजा, किसान और नगर’ में बताया गया है कि श्वेनज़ांग बौद्ध ग्रंथों की खोज में भारत आए थे। इसलिए विकल्प B, हर्षवर्धन, सही है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) चन्द्रगुप्त II का संबंध फाह्यान की यात्रा से है, ह्वेनसांग की यात्रा से नहीं। उन्हें चुनने पर दो अलग चीनी तीर्थयात्रियों के प्रसंग आपस में मिल जाते हैं।
- (C) कनिष्क एक कुषाण शासक थे और उनका काल ह्वेनसांग की 7वीं शताब्दी की भारत-यात्रा से बहुत पहले का था। कनिष्क के शासनकाल से किसी प्रमुख चीनी तीर्थयात्री का संबंध नहीं है, जबकि ह्वेनसांग की 629 से 645 ईस्वी की यात्रा हर्षवर्धन के काल से मेल खाती है।
- (D) अशोक मौर्य काल के शासक थे और उनका समय ह्वेनसांग की 7वीं शताब्दी की यात्रा से बहुत पहले का था। ह्वेनसांग जैसे यात्रियों के वृत्तांत बाद की बौद्ध यात्रा-परंपरा से जुड़े हैं और यहाँ उनका संबंध हर्षवर्धन से है।
अवधारणा
प्राचीन और प्रारंभिक मध्यकालीन भारत के इतिहास में विदेशी यात्रियों के वृत्तांत RAS में बार-बार पूछे जाते हैं। ऐतिहासिक स्रोत के रूप में ये वृत्तांत शासकों और दरबारों को धार्मिक केंद्रों, राजनीतिक-सांस्कृतिक घटनाओं और कालक्रम से जोड़कर समझने में मदद करते हैं।
