Aspirant Academy

RAS प्रश्न

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह अनुच्छेद 338B के तहत एक संवैधानिक निकाय है। 2. अनुच्छेद 338B 102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 द्वारा सम्मिलित किया गया था। 3. केंद्रीय OBC सूची में शामिल करने या बाहर करने संबंधी इसकी सिफारिशें केंद्र सरकार पर बाध्यकारी हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

सही उत्तर: (A) केवल 1 और 2।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग अनुच्छेद 338B के तहत संवैधानिक निकाय है और अनुच्छेद 338B को 102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 से सम्मिलित किया गया था, लेकिन केंद्रीय OBC सूची पर इसकी सिफारिशें केंद्र सरकार पर बाध्यकारी नहीं हैं।

  1. (A)

    केवल 1 और 2

  2. (B)

    केवल 2 और 3

  3. (C)

    केवल 1 और 3

  4. (D)

    1, 2 और 3

व्याख्या

कथन 1 और 2 सही हैं। संविधान के अनुच्छेद 338B में सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का प्रावधान है। इसी अनुच्छेद की आधिकारिक टिप्पणी बताती है कि इसे संविधान (102वां संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 3 से, 15-8-2018 से प्रभावी रूप में सम्मिलित किया गया। कथन 3 गलत है, क्योंकि केंद्रीय OBC सूची में किसी वर्ग को शामिल करने या बाहर करने पर आयोग की सिफारिशें परामर्शात्मक हैं, केंद्र सरकार पर बाध्यकारी नहीं। इसलिए सही संयोजन केवल 1 और 2 है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) B में कथन 3 को सही माना गया है, जबकि केंद्रीय OBC सूची पर आयोग की सिफारिशें परामर्शात्मक हैं, केंद्र सरकार पर बाध्यकारी नहीं।
  • (C) C में कथन 2 छूट जाता है, जबकि अनुच्छेद 338B को 102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 से सम्मिलित किया गया था।
  • (D) D तीनों कथनों को सही मानता है, पर कथन 3 गलत है क्योंकि आयोग की सिफारिशें केंद्र सरकार को बाध्य नहीं करतीं।

अवधारणा

यह प्रश्न संवैधानिक निकायों और पिछड़े वर्गों से जुड़े अनुच्छेदों की समझ जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि आयोग, संशोधन और सिफारिशों की कानूनी स्थिति में छोटा फर्क भी उत्तर बदल देता है।

स्रोत

संबंधित प्रश्न