RAS प्रश्न
तीसरे सिख गुरु कौन थे जिन्होंने लंगर प्रणाली को संस्थागत बनाया?
सही उत्तर: (D) गुरु अमर दास।
गुरु अमर दास तीसरे सिख गुरु थे जिन्होंने लंगर प्रणाली को संस्था का रूप दिया।
व्याख्या
गुरु अमर दास (1479-1574) तीसरे सिख गुरु थे। लंगर पहले से सिख परंपरा में था, लेकिन उनके समय में इसे नियमित संस्था की तरह मजबूत किया गया। गुरु से मिलने आने वाले हर व्यक्ति के लिए पहले लंगर में बैठकर भोजन करना नियम बना, और यह भोजन जाति के भेद से ऊपर रखा गया। गुरु अमर दास की भूमिका केवल लंगर शुरू करने तक सीमित नहीं थी; उन्होंने उसे संस्थागत रूप दिया। गुरु अमर दास ने सिख प्रचार और संगठन के लिए 22 मंजियाँ भी स्थापित कीं, जिससे बढ़ते सिख समुदाय में व्यवस्था और संपर्क मजबूत हुआ।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) गुरु नानक देव से लंगर की शुरुआत जुड़ी है, लेकिन लंगर को संस्था का रूप देने वाले तीसरे सिख गुरु गुरु अमर दास थे।
- (B) गुरु अंगद देव दूसरे सिख गुरु थे और उनका संबंध गुरुमुखी के विकास से बताया जाता है, लंगर के संस्थागत रूप से नहीं।
- (C) गुरु राम दास चौथे सिख गुरु थे और अमृतसर की स्थापना से जुड़े हैं, जबकि लंगर को संस्थागत बनाने का काम गुरु अमर दास से जुड़ा है।
अवधारणा
मध्यकालीन भारत में सिख गुरु परंपरा और धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं का विकास महत्वपूर्ण विषय है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि गुरु, संस्था और सामाजिक सुधार को सही क्रम में पहचानना जरूरी होता है।
