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RAS प्रश्न

बिजोलिया किसान आंदोलन के दूसरे चरण (1915-1923) का नेतृत्व किसने किया?

सही उत्तर: (C) विजय सिंह पाथिक।

बिजोलिया किसान आंदोलन के दूसरे चरण (1915-1923) का नेतृत्व विजय सिंह पाथिक ने किया।

  1. (A)

    साधु सीताराम दास

  2. (B)

    माणिक्यलाल वर्मा

  3. (C)

    विजय सिंह पाथिक

  4. (D)

    भूप सिंह

व्याख्या

बिजोलिया आंदोलन के दूसरे चरण में नेतृत्व की पहचान विजय सिंह पाथिक से जुड़ती है। उनका वास्तविक नाम भूप सिंह था और उन्होंने 1915 से इस चरण को दिशा दी। 1916 में भूप सिंह उर्फ विजय सिंह पाथिक बिजोलिया पहुंचे और किसानों को बिजोलिया किसान पंचायत के तहत संगठित किया। यह संगठन युद्ध-निधि और अन्य करों के भुगतान का विरोध कर रहा था। आंदोलन की बात महाराणा तक याचिकाओं के रूप में पहुंची और समाचार-पत्रों में प्रचार मिला। इसी कारण जांच बैठी, किसानों की शिकायतों को सही माना गया, पर कार्रवाई न होने से पाथिक के नेतृत्व में आंदोलन जारी रहा। इसलिए दूसरे चरण के लिए सही नाम विजय सिंह पाथिक है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) साधु सीताराम दास का संबंध पहले चरण के नेतृत्व से है, जबकि 1915-1923 के दूसरे चरण के नेता विजय सिंह पाथिक थे।
  • (B) माणिक्यलाल वर्मा का संबंध तीसरे चरण से जोड़ा जाता है, इसलिए वे 1915 से शुरू दूसरे चरण के नेता नहीं हैं।
  • (D) भूप सिंह विजय सिंह पाथिक का वास्तविक नाम था; आंदोलनकारी नाम के रूप में सही उत्तर विजय सिंह पाथिक है।

अवधारणा

राजस्थान के किसान आंदोलनों में चरणवार नेतृत्व और संगठन की समझ जरूरी है। RAS में बिजोलिया आंदोलन बार-बार आता है, क्योंकि यह कर-विरोध, किसान पंचायत और राष्ट्रीय ध्यान से जुड़े राजस्थान के प्रमुख किसान संघर्षों में गिना जाता है।

स्रोत

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