RAS प्रश्न
लोकसभा को भंग करने की शक्ति किसके पास है?
सही उत्तर: (C) राष्ट्रपति।
लोकसभा को भंग करने की संवैधानिक शक्ति राष्ट्रपति के पास है, जिसे वे प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सलाह पर प्रयोग करते हैं।
व्याख्या
अनुच्छेद 85(2)(ख) में साफ है कि राष्ट्रपति समय-समय पर लोकसभा को भंग कर सकते हैं। इसलिए लोकसभा-विघटन की शक्ति का औपचारिक धारक राष्ट्रपति है। लेकिन यह मनमानी शक्ति नहीं है: अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति अपने कार्यों में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार काम करते हैं। इसी वजह से प्रधानमंत्री भंग करने की सलाह दे सकते हैं, पर लोकसभा भंग करने की संवैधानिक शक्ति राष्ट्रपति के पास रहती है। अनुच्छेद 83 भी फर्क स्पष्ट करता है: राज्यसभा भंग नहीं होती, जबकि लोकसभा 5 वर्ष तक चलती है, जब तक उससे पहले भंग न कर दी जाए।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) भारत के मुख्य न्यायाधीश की लोकसभा भंग करने में कोई भूमिका नहीं है; अनुच्छेद 85 यह शक्ति राष्ट्रपति को देता है।
- (B) लोकसभा के अध्यक्ष सदन की कार्यवाही चलाते हैं, लेकिन सदन को भंग करने की शक्ति उनके पास नहीं, राष्ट्रपति के पास है।
- (D) प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद की ओर से सलाह देते हैं, लेकिन लोकसभा भंग करने की औपचारिक संवैधानिक शक्ति राष्ट्रपति के पास रहती है।
अवधारणा
संसद की अवधि, सत्रावसान और विघटन में राष्ट्रपति-मंत्रिपरिषद संबंध महत्वपूर्ण है। RAS में सलाह और औपचारिक संवैधानिक शक्ति का फर्क सीधे जांचा जाता है।
