RAS प्रश्न
निम्नलिखित में से किस भक्ति संत ने अपनी भाषा में 'पदावली' की रचना की, जिसमें राधा और कृष्ण के दिव्य प्रेम का वर्णन है?
सही उत्तर: (C) विद्यापति और चण्डीदास।
विद्यापति और चण्डीदास ने अपनी काव्य-भाषाओं में राधा और कृष्ण के दिव्य प्रेम पर पदावली काव्य रचा।
व्याख्या
पहचान का आधार केवल भक्ति-संतों के नाम नहीं, बल्कि राधा-कृष्ण प्रेम पर केंद्रित पदावली परंपरा है। वैष्णव साहित्य में राधा और कृष्ण की कथा मुख्य विषय रही है। चण्डीदास ने राधा-कृष्ण कथा पर अनेक गीत रचे, और मिथिला के विद्यापति ने भी इसी विषय पर अनेक गीतों की रचना की। विद्यापति मैथिली कवि और चण्डीदास बंगाली कवि थे; उनकी पदावली ने बंगाल के बाद के भक्ति आंदोलन और चैतन्य महाप्रभु के गौड़ीय वैष्णवधर्म को गहराई से प्रभावित किया। इसलिए सही जोड़ी विद्यापति और चण्डीदास है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) कबीर और रैदास उत्तर भारत के निर्गुण संत थे, जबकि राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम पर पदावली रचने वाली परंपरा सगुण वैष्णव काव्य-परंपरा से जुड़ी है।
- (B) सूरदास ब्रज भाषा और तुलसीदास अवधी से जुड़े हैं, इसलिए यह जोड़ी राधा-कृष्ण प्रेम की उस पदावली परंपरा की सही जोड़ी नहीं है।
- (D) नामदेव और तुकाराम मराठी भक्ति संत थे, जबकि राधा-कृष्ण पदावली परंपरा में विद्यापति और चण्डीदास की जोड़ी प्रमुख है।
अवधारणा
मध्यकालीन भक्ति आंदोलन में सगुण वैष्णव काव्य, खासकर राधा-कृष्ण पदावली परंपरा, संत, भाषा, क्षेत्र और काव्य-विषय के आपसी संबंध से समझी जाती है। RAS में ऐसे तथ्यात्मक संबंध बार-बार पूछे जाते हैं।
