RAS प्रश्न
कालीबंगन की दुर्ग (सिटाडेल) की कौन सी अनूठी विशेषता इसे अन्य सिंधु घाटी स्थलों से अलग करती है?
सही उत्तर: (C) दुर्ग के दो बराबर भाग थे।
कालीबंगन के दुर्ग की विशिष्ट पहचान यह है कि वह दो बराबर भागों में बंटा था: दक्षिणी भाग में अग्नि-वेदिकाओं वाला अनुष्ठान क्षेत्र और उत्तरी भाग में आवासीय संरचनाएं थीं।
व्याख्या
कालीबंगन में पश्चिमी ऊंचा भाग KLB-1 दुर्ग था। ASI रिपोर्ट के अनुसार यह दुर्ग किलेबंदी से घिरा था और एक पूर्व-पश्चिम मध्य दीवार ने इसके परिसर को दो भागों में बांटा था। दक्षिणी भाग में कई चबूतरे थे, जिनका धार्मिक उपयोग साफ दिखता है; एक चबूतरे पर 7 सटी हुई अग्नि-वेदिकाएं मिलीं और उनमें राख-कोयले जैसे संकेत थे। इसके विपरीत उत्तरी भाग की योजना अलग थी: वहां चबूतरे नहीं, बल्कि सड़क के दोनों ओर आवासीय मकान थे। निर्णायक बात पत्थर, गोल आकार या दुर्ग का अभाव नहीं, बल्कि दुर्ग का दो बराबर हिस्सों वाला कार्यात्मक विभाजन है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) दुर्ग को पत्थर का बताना गलत है, क्योंकि ASI रिपोर्ट में किलेबंदी और चबूतरों के संदर्भ कच्ची ईंटों/मिट्टी-ईंटों से जुड़े हैं, पत्थर से नहीं।
- (B) कालीबंगन में दुर्ग था; KLB-1 ऊंचे स्थान, किलेबंदी और विशेष संरचनाओं के कारण दुर्ग की श्रेणी में आता है।
- (D) दुर्ग गोलाकार नहीं था; उसका घिरा हुआ क्षेत्र उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम आयामों वाला था और कोनों/प्रवेश पर आयताकार बुर्ज थे।
अवधारणा
यह तथ्य सिंधु-सरस्वती सभ्यता के नगरीय नियोजन और राजस्थान स्थित कालीबंगन की विशिष्ट पुरातात्त्विक पहचान से जुड़ा है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि स्थानीय स्थल को व्यापक हड़प्पाई नगर-रचना से जोड़कर पूछा जाता है।
