आपका सेशन खत्म हो गया है

आपकी प्रगति और खरीदारी सुरक्षित हैं। जारी रखने के लिए दोबारा लॉगिन करें।

दोबारा लॉगिन करें
Aspirant Academy

RAS प्रश्न

आहड़-बनास संस्कृति की पहचान किस प्रकार के मृद्भांड से होती है?

सही उत्तर: (D) काले और लाल मृद्भांड।

आहड़-बनास ताम्रपाषाण संस्कृति की पहचान काले और लाल मृद्भांड से होती है।

  1. (A)

    उत्तरी काली पॉलिश मृद्भांड

  2. (B)

    चित्रित धूसर मृद्भांड

  3. (C)

    गैरिक मृद्भांड

  4. (D)

    काले और लाल मृद्भांड

व्याख्या

आहड़-बनास संस्कृति के लिए काले और लाल मृद्भांड सबसे सही पहचान हैं, क्योंकि यही इस ताम्रपाषाण संस्कृति के विशिष्ट मिट्टी के बर्तन हैं। इन्हें उल्टी पकाने की तकनीक से बनाया जाता था और आहड़, गिलुंड, बालाथल तथा बनास संस्कृति के अन्य स्थलों पर ये मिलते हैं। INFLIBNET के आहड़-बनास खंड में भी इस संस्कृति को मृद्भांडों की समृद्ध और विविध परंपरा से परिभाषित किया गया है; उसके सूक्ष्म वर्ग में भूरे-पीले मृद्भांड, पतले लाल मृद्भांड और व्यापक काले-लाल मृद्भांड बताए गए हैं। इसलिए प्रश्न में “पहचान” शब्द आते ही उत्तर काले और लाल मृद्भांड पर टिकता है, न कि गंगा-यमुना या उत्तर वैदिक परंपराओं के मृद्भांडों पर।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) उत्तरी काली पॉलिश मृद्भांड गंगा के मैदान और मौर्य काल से जुड़ा है, इसलिए यह आहड़-बनास ताम्रपाषाण संस्कृति की पहचान नहीं हो सकता।
  • (B) चित्रित धूसर मृद्भांड उत्तर वैदिक काल से संबंधित माना गया है, जबकि यहां प्रश्न आहड़-बनास ताम्रपाषाण संस्कृति के विशिष्ट मृद्भांड पर है।
  • (C) गैरिक मृद्भांड गंगा-यमुना दोआब से जुड़ा है, इसलिए यह बनास क्षेत्र की आहड़-बनास संस्कृति की पहचान नहीं बताता।

अवधारणा

यह प्रश्न राजस्थान की ताम्रपाषाण संस्कृतियों में मृद्भांड-आधारित पहचान को जांचता है। RAS में आहड़, गिलुंड और बालाथल जैसे स्थलों के साथ उनकी विशिष्ट सांस्कृतिक सामग्री बार-बार पूछी जाती है।

स्रोत

संबंधित प्रश्न