RAS प्रश्न
RBI नोट जारी करने के लिए किस प्रणाली का पालन करता है?
सही उत्तर: (B) न्यूनतम आरक्षित प्रणाली।
भारतीय रिजर्व बैंक नोट जारी करने के लिए न्यूनतम आरक्षित प्रणाली का पालन करता है, जिसमें सोने और विदेशी प्रतिभूतियों में कुल 200 करोड़ रुपये का न्यूनतम भंडार रखना होता है।
व्याख्या
1957 से भारतीय रिजर्व बैंक नोट जारी करने के लिए न्यूनतम आरक्षित प्रणाली अपनाता है। इससे पहले आनुपातिक आरक्षित प्रणाली थी, जिसमें सोना, स्वर्ण बुलियन और विदेशी प्रतिभूतियों के रूप में निश्चित अनुपात रखना पड़ता था; यह व्यवस्था विकास योजनाओं और मुद्रा-विस्तार की जरूरतों के लिए कठोर मानी गई। नई न्यूनतम आरक्षित प्रणाली ने नोट जारी करने में लचीलापन दिया, लेकिन भंडार की निचली सीमा रखी: सोने के सिक्के और बुलियन का मूल्य 115 करोड़ रुपये से कम नहीं होना चाहिए, और विदेशी प्रतिभूतियों का न्यूनतम मूल्य 85 करोड़ रुपये होना चाहिए। इसलिए कुल न्यूनतम भंडार 200 करोड़ रुपये है, नोटों की मात्रा चाहे जितनी हो।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) पूर्ण समर्थन प्रणाली सही नहीं है, क्योंकि इसमें 100% सोने का भंडार अपेक्षित माना जाता है, जबकि भारत में नोट-निर्गम न्यूनतम आरक्षित प्रणाली पर आधारित है।
- (C) निश्चित प्रत्ययी प्रणाली सही नहीं है, क्योंकि यह छोड़ी जा चुकी व्यवस्था है और इसमें निश्चित स्वर्ण-समर्थन की शर्त जुड़ी थी।
- (D) आनुपातिक आरक्षित प्रणाली सही नहीं है, क्योंकि मूल RBI अधिनियम में यही व्यवस्था थी, लेकिन 1957 से इसे न्यूनतम आरक्षित प्रणाली से बदल दिया गया।
अवधारणा
भारतीय अर्थव्यवस्था में मुद्रा-निर्गम और केंद्रीय बैंकिंग का यह आधारभूत सिद्धांत RAS में बार-बार आता है, क्योंकि RBI की भूमिका, मुद्रा आपूर्ति और आरक्षित व्यवस्था सीधे मौद्रिक नीति से जुड़ते हैं।
