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RAS प्रश्न

गोविन्द गिरि के नेतृत्व वाले आदिवासी आन्दोलन के बारे में कौन-सा कथन स्रोतों से मेल खाता है?

सही उत्तर: (A) इसका मुख्य आधार डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, सूंथ और ईडर के आदिवासी क्षेत्र थे; उदयपुर-सिरोही नहीं।।

गोविन्द गिरि के नेतृत्व वाले आदिवासी आन्दोलन का मुख्य आधार डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, सूंथ और ईडर के आदिवासी क्षेत्र थे, उदयपुर-सिरोही नहीं।

  1. (A)

    इसका मुख्य आधार डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, सूंथ और ईडर के आदिवासी क्षेत्र थे; उदयपुर-सिरोही नहीं।

  2. (B)

    उदयपुर और सिरोही ही इस आन्दोलन के प्रमुख सहभागी राज्य थे।

  3. (C)

    मानगढ़ की स्थिति को आक्रमण, हत्या और लूट की योजना बताया गया था।

  4. (D)

    यह मोतीलाल तेजावत के साथ सीधे तौर पर चलाया गया संयुक्त संगठन था।

व्याख्या

गोविन्द गिरि के नेतृत्व वाले आदिवासी आन्दोलन का भौगोलिक आधार डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, सूंथ रामपुर और ईडर तक सीमित था, जबकि उदयपुर, सिरोही और बूंदी के बड़ी संख्या में भील इस आन्दोलन से अलग रहे। इसलिए विकल्प A इसी क्षेत्रीय आधार से सीधा मेल खाता है। मानगढ़ प्रसंग को केवल आक्रमण, हत्या और लूट की योजना मानना भी ठीक नहीं, क्योंकि गोविन्द गिरि ने इसे धार्मिक अनुष्ठान बताया था। इसी तरह मोतीलाल तेजावत से सीधा संगठनात्मक संबंध नहीं था; बाद में केवल विचारों की छाप रही।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) उदयपुर और सिरोही को प्रमुख सहभागी राज्य कहना गलत है, क्योंकि इनके अधिकांश भील-गिरासिया आन्दोलन से अलग रहे।
  • (C) मानगढ़ चरण को आक्रमण, हत्या और लूट की योजना बताना गलत है, क्योंकि गोविन्द गिरि ने ऐसे आरोपों से इनकार कर धार्मिक अनुष्ठान की बात कही थी।
  • (D) मोतीलाल तेजावत के साथ सीधा संयुक्त संगठन बताना गलत है, क्योंकि सीधा संगठनात्मक तारतम्य नहीं था; बाद में केवल विचारों का प्रभाव रहा।

अवधारणा

राजस्थान के आदिवासी आन्दोलनों में क्षेत्रीय आधार और नेतृत्व-भेद की समझ जरूरी है। RAS में गोविन्द गिरि, मानगढ़ और मोतीलाल तेजावत को मिलाकर पढ़ने से गलत विकल्प आकर्षक लगते हैं।

स्रोत

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