RAS प्रश्न
किस सिख गुरु ने गुरमुखी लिपि का विकास किया?
सही उत्तर: (B) गुरु अंगद देव।
गुरमुखी लिपि का विकास दूसरे सिख गुरु, गुरु अंगद देव ने किया।
व्याख्या
गुरु अंगद देव (1504-1552) दूसरे सिख गुरु थे और गुरमुखी लिपि उनसे ही जुड़ी है। गुरु अंगद देव ने पवित्र गुरमुखी लिपि का विकास कर गुरु नानक देव की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाया। इसलिए गुरमुखी लिपि के विकास का श्रेय गुरु अंगद देव को दिया जाता है। उन्होंने गुरमुखी को एकरूप रूप देकर लोकप्रिय बनाया। उनके शारीरिक स्वास्थ्य पर जोर देने और सिख युवाओं के लिए मल्ल अखाड़े की परंपरा शुरू करने का उल्लेख भी मिलता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) गुरु अमर दास लंगर की परंपरा से जुड़े हैं, गुरमुखी लिपि के विकास से नहीं।
- (C) गुरु राम दास के साथ अमृतसर की स्थापना जुड़ी है, जबकि गुरमुखी लिपि का विकास गुरु अंगद देव से जुड़ा है।
- (D) गुरु नानक देव की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गुरमुखी लिपि विकसित करने का श्रेय गुरु अंगद देव को दिया जाता है।
अवधारणा
मध्यकालीन भारतीय इतिहास में सिख गुरुओं और उनके सांस्कृतिक योगदान की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि गुरु, संस्था और परंपरा को सही क्रम से जोड़ना जरूरी होता है।
