RAS प्रश्न
किस विद्वान ने सिंधु घाटी सभ्यता के पतन का कारण बताते हुए 'आर्य आक्रमण' सिद्धांत प्रस्तावित किया?
सही उत्तर: (C) मॉर्टिमर व्हीलर।
मॉर्टिमर व्हीलर ने सिंधु घाटी सभ्यता के पतन की व्याख्या के लिए आर्य आक्रमण सिद्धांत प्रस्तुत किया था।
व्याख्या
मॉर्टिमर व्हीलर ने सिंधु घाटी सभ्यता के पतन को विदेशी या आर्य आक्रमण से जोड़ा था। उन्होंने 1947 में यह सिद्धांत पहली बार प्रस्तुत किया। अपने तर्क के लिए उन्होंने तीन बातों का सहारा लिया—ऋग्वेद में आर्य देवताओं, खासकर इंद्र, द्वारा किलेबंद नगरों को नष्ट करने का वर्णन; हड़प्पा की किलेबंदी; और मोहनजोदड़ो की सड़कों पर मिले कंकाल। उन्होंने इन कंकालों को निहत्थे नागरिकों के नरसंहार का प्रमाण माना। उन्होंने ऋग्वेद में इंद्र के लिए प्रयुक्त ‘पुरंदर’ उपाधि का भी सहारा लिया, जिसका अर्थ किलों का विनाशक है। सिंधु सभ्यता के पतन के लिए बाढ़, पर्यावरणीय बिगाड़ और नदी-मार्ग में बदलाव जैसी दूसरी व्याख्याएँ भी दी गई हैं। इसलिए प्रश्न यह पूछता है कि आक्रमण वाली व्याख्या किस विद्वान से जुड़ी है; यह नहीं कि आक्रमण ही पतन का अंतिम रूप से सिद्ध कारण था।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) रॉबर्ट राइक्स की व्याख्या बाढ़ पर आधारित थी, आर्य आक्रमण पर नहीं। इसलिए इस सिद्धांत को सबसे पहले प्रस्तुत करने वाले विद्वान वे नहीं हैं।
- (B) एम. आर. साहनी ने मोहनजोदड़ो में बार-बार आई बाढ़ को पतन से जोड़ा था, आर्य आक्रमण को नहीं।
- (D) लैम्ब्रिक ने पतन को नदी-मार्ग में बदलाव से समझाया था। उनका तर्क नदी और जल-प्रवाह में बदलाव पर आधारित था, आक्रमण पर नहीं।
अवधारणा
यह प्रश्न हड़प्पा सभ्यता के पतन से जुड़े इतिहासलेखन की समझ जाँचता है—यानी अलग-अलग विद्वानों ने कांस्य युग की इस नगरीय सभ्यता के अंत को कैसे समझाया। RAS में किसी सिद्धांत को उससे जुड़े विद्वान से मिलाने वाले प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं, क्योंकि इनमें तथ्य याद होने के साथ प्राचीन भारतीय इतिहास की बहसों की समझ भी ज़रूरी है।
