RAS प्रश्न
कौन सा राजस्थानी वस्त्र हजारों छोटी गांठों का उपयोग करके बांधने और रंगने से पैटर्न बनाता है?
सही उत्तर: (A) बंधेज (बंधनी)।
हजारों छोटी गांठें बांधकर रंगाई से बिंदीदार रूपांकन बनाने वाली राजस्थानी वस्त्र-कला बंधेज या बंधनी है।
व्याख्या
बंधेज या बंधनी में रंगाई से पहले कपड़े पर उंगलियों और नाखूनों से बहुत छोटी-छोटी गांठें बांधी जाती हैं। हर गांठ उस हिस्से में रंग जाने से रोकती है, इसलिए कपड़ा खोलने पर बिंदियों जैसे जटिल रूपांकन बनते हैं। प्रश्न में “हजारों छोटी गांठों” और “बांधने और रंगने” का संकेत इसी तकनीक की ओर जाता है। राजस्थान पर्यटन के स्रोत में राजस्थान के प्रसिद्ध वस्त्रों में बांधकर रंगाई से बनने वाले रूपांकनों को बंधनी भी कहा गया है, और लहरिया को अलग से नदी की लहरों जैसे लंबे, साफ रूपांकन के रूप में समझाया गया है। इसलिए यहां पहचान बंधेज/बंधनी की है, सामान्य छपाई या बुनाई की नहीं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) अजरख की पहचान ठप्पा छपाई से है, जबकि प्रश्न कपड़े पर छोटी गांठें बांधकर रंग रोकने वाली बंधनी विधि पूछ रहा है।
- (C) लहरिया में लहरों जैसे लंबे रूपांकन मिलते हैं, पर हजारों छोटी गांठों से बनने वाला बिंदीदार काम बंधेज/बंधनी की पहचान है।
- (D) पटोला गुजरात की दोहरी इकत बुनाई से जुड़ा है, इसलिए यह राजस्थान की छोटी गांठों वाली बंधनी तकनीक नहीं है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान की वस्त्र-कला में तकनीक और रूपांकन के फर्क को जांचता है। RAS में बंधेज, लहरिया, छपाई और बुनाई जैसी कलाओं से सीधे पहचान-आधारित प्रश्न बार-बार बनते हैं।
