RAS प्रश्न
संविधान का कौन सा प्रावधान राज्यपाल को केंद्र और राज्य के बीच कड़ी के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाता है?
सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 155 (राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति) और अनुच्छेद 156 (राष्ट्रपति की इच्छा)।
राज्यपाल केंद्र और राज्य के बीच कड़ी इसलिए बनता है क्योंकि अनुच्छेद 155 में उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा और अनुच्छेद 156 में उसका पद राष्ट्रपति की इच्छा पर निर्भर बताया गया है।
व्याख्या
संविधान में राज्यपाल को राज्य का प्रमुख माना गया है, लेकिन उसकी नियुक्ति राज्य सरकार नहीं करती। अनुच्छेद 155 साफ कहता है कि राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुहर वाले वारंट से करता है। अनुच्छेद 156 जोड़ता है कि राज्यपाल राष्ट्रपति की इच्छा तक पद धारण करता है। यही दो प्रावधान राज्यपाल को केंद्र से संस्थागत रूप से जोड़ते हैं। अनुच्छेद 200 भी इस भूमिका को दिखाता है, क्योंकि राज्यपाल किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित कर सकता है। इसलिए सबसे उपयुक्त उत्तर वह विकल्प है जिसमें अनुच्छेद 155 और 156 साथ दिए गए हैं; केवल किसी एक कार्यकारी या विधायी शक्ति से यह केंद्र-राज्य कड़ी पूरी तरह नहीं बनती।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) अनुच्छेद 164 मंत्रियों से संबंधित है, जिसमें मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति तथा उनका पद राज्यपाल की इच्छा से जुड़ा है; इससे राज्यपाल की केंद्र से नियुक्ति या राष्ट्रपति की इच्छा वाला संबंध नहीं बनता।
- (C) अनुच्छेद 213 राज्यपाल की अध्यादेश जारी करने की शक्ति से जुड़ा है, जबकि प्रश्न राज्यपाल को केंद्र और राज्य के बीच कड़ी बनाने वाले संवैधानिक आधार पर है।
- (D) अनुच्छेद 200 विधेयक पर स्वीकृति देने, स्वीकृति रोकने या राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित करने की शक्ति देता है, लेकिन अकेले यह राज्यपाल की नियुक्ति और पद-धारण को केंद्र से नहीं जोड़ता।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय संघवाद में राज्यपाल की संवैधानिक स्थिति और केंद्र-राज्य संबंधों की समझ जांचता है। RAS में राज्यपाल से जुड़े अनुच्छेद बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि वे शासन, विधायिका और संघीय संतुलन तीनों से जुड़े हैं।
