RAS प्रश्न
भारत में MPC मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण के लिए किस मूल्य सूचकांक का उपयोग करती है?
सही उत्तर: (B) उपभोक्ता मूल्य सूचकांक — संयुक्त (CPI-C)।
भारत में MPC मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक — संयुक्त (CPI-C) को मानक सूचकांक के रूप में उपयोग करती है।
व्याख्या
भारत की मौद्रिक नीति व्यवस्था में मुद्रास्फीति लक्ष्य CPI के आधार पर तय होता है। RBI के चर्चा पत्र के अनुसार 2016 में RBI अधिनियम, 1934 में संशोधन के बाद भारतीय रिजर्व बैंक को CPI मुद्रास्फीति का लक्ष्य बनाए रखने का दायित्व मिला और धारा 45ZB के तहत MPC नीति दर तय करती है ताकि यह लक्ष्य हासिल हो सके। इस लक्ष्यीकरण में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा प्रकाशित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक — संयुक्त (CPI-C) मानक सूचकांक है, क्योंकि यह उपभोक्ताओं के स्तर पर महसूस होने वाली खुदरा मुद्रास्फीति को बेहतर दिखाता है। इसलिए MPC के मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण में CPI-C लागू होता है; WPI, GDP डिफ्लेटर या PPI नहीं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) WPI थोक स्तर की कीमतों से जुड़ा सूचकांक है; मौजूदा लक्ष्यीकरण व्यवस्था में पहले की जगह CPI-C को मानक बनाया गया है।
- (C) GDP डिफ्लेटर अर्थव्यवस्था में कीमतों का व्यापक माप है, लेकिन MPC के मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण का तय मानक सूचकांक CPI-C है।
- (D) PPI उत्पादक स्तर की कीमतों से जुड़ा सूचकांक है और भारत में MPC के मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण के लिए इसका उपयोग नहीं किया जाता।
अवधारणा
भारतीय मौद्रिक नीति, मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण और MPC की भूमिका की बुनियादी समझ RAS के लिए जरूरी है। CPI, WPI और नीति दर के संबंध से सीधे अर्थव्यवस्था और समसामयिक नीति-निर्णय जुड़े हैं।
