RAS प्रश्न
किस पल्लव राजा को महाबलीपुरम में तट मंदिर के निर्माण का श्रेय दिया जाता है?
सही उत्तर: (C) नरसिंहवर्मन II (राजसिम्हा)।
महाबलीपुरम के प्रसिद्ध तट मंदिर के निर्माण का श्रेय पल्लव राजा नरसिंहवर्मन II, जिन्हें राजसिम्हा भी कहा जाता है, को दिया जाता है।
व्याख्या
नरसिंहवर्मन II, अर्थात राजसिम्हा, लगभग 690-728 ईस्वी के पल्लव शासक थे। उन्होंने महाबलीपुरम का प्रसिद्ध तट मंदिर बनवाया, जो दक्षिण भारत के सबसे प्राचीन संरचनात्मक पत्थर के मंदिरों में गिना जाता है, और कांचीपुरम का कैलाशनाथ मंदिर भी उन्हीं से जुड़ा है। ASI के महाबलीपुरम पृष्ठ पर भी बताया गया है कि पल्लव राजसिम्हा के समय संरचनात्मक स्थापत्य बड़े पैमाने पर शुरू हुआ और इसका उत्कर्ष विश्वप्रसिद्ध तट मंदिर के निर्माण में दिखता है। इसलिए यहाँ पहचान केवल ‘महाबलीपुरम’ या ‘ममल्ल’ से नहीं, बल्कि तट मंदिर के संरचनात्मक निर्माण से करनी है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) नन्दीवर्मन II बाद के पल्लव राजा थे; ASI के अनुसार तट मंदिर का श्रेय राजसिम्हा को दिया जाता है।
- (B) नरसिंहवर्मन I ममल्ल कहलाते थे और रथों तथा शैल-कट स्मारकों से जुड़े हैं, पर तट मंदिर के संरचनात्मक निर्माण का श्रेय राजसिम्हा को है।
- (D) महेन्द्रवर्मन I शैल-कट गुफा मंदिरों की परंपरा से जुड़े हैं, जबकि तट मंदिर को राजसिम्हा काल के संरचनात्मक स्थापत्य का उत्कर्ष बताया गया है।
अवधारणा
यह प्रश्न पल्लव कला और मंदिर स्थापत्य में शैल-कट स्मारकों से संरचनात्मक पत्थर मंदिरों की ओर बदलाव को परखता है। RAS में दक्षिण भारतीय राजवंशों, शासक-उपाधियों और प्रमुख स्थापत्य स्थलों के मेल बार-बार पूछे जाते हैं।
