RAS प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन मौर्य साम्राज्य के पतन का कारण नहीं था?
सही उत्तर: (A) हूणों के विदेशी आक्रमण।
हूणों का विदेशी आक्रमण मौर्य साम्राज्य के पतन का कारण नहीं था, क्योंकि वह मौर्य सत्ता के अंत के कई सदियों बाद 5वीं-6वीं सदी ईसवी में हुआ।
व्याख्या
मौर्य पतन को समझने के लिए कालक्रम निर्णायक है। मौर्य पतन अशोक के बाद कमजोर उत्तराधिकारियों, वित्तीय संकट और अति-केंद्रीकृत प्रशासन से जुड़ा था; अंतिम मौर्य राजा बृहद्रथ की 185 ईसा पूर्व में पुष्यमित्र शुंग ने हत्या की। इसके उलट हूण कुमारगुप्त-स्कन्दगुप्त के समय उत्तर-पश्चिम सीमा पर उभरते खतरे के रूप में सामने आए और 5वीं सदी ईसवी के अंत में तोरमाण ने पश्चिमी और मध्य भारत में अपना अधिकार फैलाया। इसलिए हूण आक्रमण गुप्त सत्ता को चोट पहुंचाने वाली बाद की घटना है, मौर्य पतन का कारण नहीं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) अशोक के बाद कमजोर उत्तराधिकारी मौर्य पतन के कारणों में आते हैं, इसलिए B ‘कारण नहीं था’ नहीं हो सकता।
- (C) बड़ी नौकरशाही से वित्तीय संकट को मौर्य पतन के कारण के रूप में रखा जाता है, इसलिए C को बाहर की घटना नहीं कहा जा सकता।
- (D) अशोक की अहिंसा नीति मौर्य-काल के भीतर की नीति-बहस से जुड़ी है; A की तरह वह सदियों बाद की हूण-घटना नहीं है।
अवधारणा
प्राचीन भारत के राजवंशीय कालक्रम और साम्राज्य-पतन के कारणों की समझ यहां निर्णायक है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि एक ही नाम या आक्रमण को गलत कालखंड से जोड़ना आम परीक्षा-जाल है।
