RAS प्रश्न
गुजरात समान नागरिक संहिता (UCC) 2026 के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है या कौन-से कथन सही हैं? 1. गुजरात समान नागरिक संहिता बनाने वाला भारत का पहला राज्य बना। 2. UCC विवाह के 60 दिनों के भीतर पंजीकरण अनिवार्य करता है। 3. लिव-इन संबंधों का भी गुजरात UCC के तहत पंजीकरण अनिवार्य है, पंजीकरण न कराने पर 3 महीने तक कारावास। 4. यह संहिता गुजरात में अनुसूचित जनजातियों पर पूरी तरह लागू होती है।
सही उत्तर: (B) केवल 2 और 3।
गुजरात समान नागरिक संहिता 2026 में विवाह का पंजीकरण 60 दिनों के भीतर और लिव-इन संबंधों का पंजीकरण अनिवार्य है, लेकिन गुजरात भारत का पहला ऐसा राज्य नहीं था और अनुसूचित जनजातियों को इससे छूट दी गई है।
व्याख्या
केवल कथन 2 और 3 सही हैं। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार गुजरात विधानसभा ने गुजरात समान नागरिक संहिता 2026 पारित की, लेकिन गुजरात ऐसा करने वाला पहला राज्य नहीं था; उससे पहले उत्तराखंड ने फरवरी 2024 में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित किया था। विवाह का अनिवार्य पंजीकरण 60 दिनों में न होने पर ₹10,000 तक जुर्माना लग सकता है। लिव-इन संबंधों का पंजीकरण भी अनिवार्य है और पंजीकरण न कराने पर 3 महीने तक कारावास या ₹10,000 जुर्माने का प्रावधान है। अनुसूचित जनजातियों और संविधान से संरक्षित रीति-रिवाजों वाले कुछ समूहों को संहिता से बाहर रखा गया है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) कथन 1 और 4 दोनों गलत हैं, क्योंकि उत्तराखंड पहले ही 2024 में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित कर चुका था और गुजरात की संहिता अनुसूचित जनजातियों को छूट देती है।
- (C) कथन 2 और 3 सही हैं, लेकिन कथन 1 गलत है क्योंकि गुजरात पहला राज्य नहीं, उत्तराखंड के बाद दूसरा राज्य था।
- (D) कथन 2 और 3 सही हैं, लेकिन कथन 4 गलत है क्योंकि संहिता अनुसूचित जनजातियों पर पूरी तरह लागू नहीं होती।
अवधारणा
समान नागरिक संहिता में राज्य कानून-निर्माण और संविधान में संरक्षित रीति-रिवाजों के अपवाद साथ-साथ समझने पड़ते हैं। RAS में ऐसे विषय इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि शासन, सामाजिक न्याय और संवैधानिक प्रावधानों के बीच सीधा संबंध बनता है।
