RAS प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन अकाउंट एग्रीगेटर पारिस्थितिकी तंत्र का घटक नहीं है?
सही उत्तर: (C) क्रेडिट सूचना कंपनी (CIC)।
क्रेडिट सूचना कंपनी (CIC) अकाउंट एग्रीगेटर पारिस्थितिकी तंत्र का घटक नहीं है; इसमें FIP, FIU और AA मुख्य घटक हैं।
व्याख्या
अकाउंट एग्रीगेटर व्यवस्था का मूल काम ग्राहक की स्पष्ट सहमति के आधार पर वित्तीय सूचना को सुरक्षित ढंग से साझा कराना है। भारतीय रिजर्व बैंक के भाषण में बताया गया है कि Account Aggregator ग्राहक की वित्तीय संपत्ति से जुड़ी सूचना उन संस्थाओं से लेता है जो ऐसी सूचना रखती हैं, यानी Financial Information Providers (FIPs), और उसे ग्राहक या निर्दिष्ट उपयोगकर्ताओं, यानी Financial Information Users (FIUs), तक पहुंचाता है। इसी ढांचे में AA सहमति प्रबंधन और सूचना-साझाकरण की कड़ी है। इसलिए FIP, FIU और AA इस पारिस्थितिकी तंत्र के घटक हैं। CIBIL जैसी क्रेडिट सूचना कंपनियां अलग प्रकार की संस्थाएं हैं, इसलिए CIC को इस व्यवस्था का घटक नहीं माना जाएगा।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) FIP गलत विकल्प है क्योंकि RBI के अनुसार वित्तीय सूचना रखने वाली संस्थाएं, जैसे बैंक, AA व्यवस्था में Financial Information Providers के रूप में आती हैं।
- (B) FIU गलत विकल्प है क्योंकि RBI की व्याख्या में ग्राहक या निर्दिष्ट उपयोगकर्ता, जिन्हें सूचना प्रस्तुत की जाती है, Financial Information Users कहलाते हैं और व्यवस्था का हिस्सा हैं।
- (D) AA गलत विकल्प है क्योंकि Account Aggregator ही सहमति-आधारित वित्तीय सूचना साझा कराने वाली मध्यवर्ती कड़ी है।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय अर्थव्यवस्था में वित्तीय प्रौद्योगिकी और नियामकीय ढांचे की समझ जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि अभ्यर्थी को डिजिटल वित्त व्यवस्था के घटकों और अलग-अलग संस्थाओं की भूमिका साफ पहचाननी होती है।
