Aspirant Academy

RAS प्रश्न

RBI के e₹ (CBDC) पायलट के बारे में निम्नलिखित में से क्या सही है?

सही उत्तर: (C) थोक (e₹-W) और खुदरा (e₹-R) दोनों पायलट लॉन्च किए गए हैं।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा के थोक e₹-W और खुदरा e₹-R, दोनों पायलट शुरू किए हैं।

  1. (A)

    CBDC बिटकॉइन की तरह ब्लॉकचेन पर आधारित है

  2. (B)

    CBDC पूरी तरह UPI की जगह लेता है

  3. (C)

    थोक (e₹-W) और खुदरा (e₹-R) दोनों पायलट लॉन्च किए गए हैं

  4. (D)

    केवल थोक CBDC लॉन्च किया गया

व्याख्या

भारतीय रिज़र्व बैंक के e₹ पायलट में थोक और खुदरा, दोनों खंड शुरू किए गए। PIB के अनुसार थोक पायलट e₹-W 1 नवंबर 2022 को शुरू हुआ और उसका उपयोग सरकारी प्रतिभूतियों के द्वितीयक बाजार लेनदेन के निपटान तक सीमित था। खुदरा पायलट e₹-R 1 दिसंबर 2022 को बंद उपयोगकर्ता समूह में शुरू हुआ, जिसमें भाग लेने वाले ग्राहक और व्यापारी शामिल थे। PIB ने e₹-R को वैध मुद्रा दर्शाने वाला डिजिटल टोकन बताया है, जिसके लेनदेन व्यक्ति-से-व्यक्ति और व्यक्ति-से-व्यापारी हो सकते हैं। सही उत्तर इसलिए यही है कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने दोनों पायलट शुरू किए।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) PIB खुदरा केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा में ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित घटकों की बात करता है, लेकिन उसे बिटकॉइन जैसा बताना समर्थित नहीं है।
  • (B) केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा को UPI की पूरी जगह लेने वाला नहीं बताया गया; e₹-R के लिए अलग डिजिटल वॉलेट और व्यक्ति-से-व्यक्ति तथा व्यक्ति-से-व्यापारी लेनदेन का उल्लेख है।
  • (D) यह विकल्प अधूरा है, क्योंकि PIB ने साफ लिखा है कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने थोक और खुदरा दोनों खंडों में पायलट शुरू किए।

अवधारणा

यह प्रश्न भारतीय अर्थव्यवस्था में मुद्रा, भुगतान प्रणाली और केंद्रीय बैंक की भूमिका से जुड़ा है। RAS में ऐसे तथ्य इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा, सरकारी प्रतिभूतियों का निपटान और खुदरा भुगतान नीति और चालू अर्थव्यवस्था दोनों को जोड़ते हैं।

स्रोत

संबंधित प्रश्न