RAS प्रश्न
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के तीन प्रमुख ताम्रपाषाणकालीन स्थल निम्नलिखित में से कौन से हैं?
सही उत्तर: (B) आहड़, बालाथल, गिलुंड।
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के तीन प्रमुख ताम्रपाषाणकालीन स्थल आहड़, बालाथल और गिलुंड हैं।
व्याख्या
आहड़, बालाथल और गिलुंड को साथ पढ़ना जरूरी है, क्योंकि ये दक्षिण-पूर्वी राजस्थान की आहड़-बनास संस्कृति से जुड़े ताम्रपाषाणकालीन स्थल हैं। आहड़ को उदयपुर, बालाथल को उदयपुर और गिलुंड को राजसमंद से जोड़ा गया है तथा आहड़-बनास संस्कृति का काल 3000-1500 ई.पू. बताया गया है। Ancient Asia में बालाथल और गिलुंड को आहड़ संस्कृति के ताम्रपाषाण स्थल कहा गया है, और आहड़ को इसी संस्कृति का प्रमुख स्थल बताया गया है। इसलिए यह विकल्प केवल तीन नाम याद कराने वाला नहीं है; यह दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, आहड़-बनास संस्कृति और ताम्रपाषाणकालीन पुरातत्व को एक साथ पहचानने की परीक्षा है। आहड़ का ताम्रवती नाम भी तांबा गलाने के प्रमाण से जुड़ता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) रंगमहल, सोथी और नोहर उत्तरी राजस्थान की अलग सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े माने गए हैं, इसलिए वे दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के आहड़-बनास ताम्रपाषाण स्थलों का सही समूह नहीं बनाते।
- (C) बैराठ, नगरी और सांभर ऐतिहासिक काल के स्थलों के रूप में दिए गए हैं, इसलिए वे ताम्रपाषाणकालीन दक्षिण-पूर्वी राजस्थान वाले संदर्भ में ठीक नहीं बैठते।
- (D) कालीबंगन उत्तरी राजस्थान का IVC स्थल है, इसलिए कालीबंगन, गणेश्वर और बागोर का समूह दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के तीन प्रमुख आहड़-बनास ताम्रपाषाण स्थलों को नहीं बताता।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान के प्रागैतिहासिक पुरातत्व में ताम्रपाषाणकालीन आहड़-बनास संस्कृति की स्थल-पहचान जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि स्थान, संस्कृति और काल को मिलाकर पूछने से रटंत और वास्तविक समझ दोनों अलग हो जाती हैं।
