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RAS प्रश्न

राजस्थानी लघु चित्रकला में पारंपरिक रूप से चित्रकारी की सतह के रूप में किस प्राकृतिक सामग्री का उपयोग किया जाता था?

सही उत्तर: (D) कपास से तैयार हस्तनिर्मित कागज़ (वसली)।

राजस्थानी लघु चित्रकला में पारंपरिक चित्रकारी की सतह कपास से तैयार हस्तनिर्मित कागज़, यानी वसली, थी।

  1. (A)

    केले के पत्ते

  2. (B)

    केवल सूखे ताड़ के पत्ते

  3. (C)

    रेशम का कपड़ा

  4. (D)

    कपास से तैयार हस्तनिर्मित कागज़ (वसली)

व्याख्या

राजस्थानी लघु चित्रकला में सही सतह वसली मानी जाती है, क्योंकि यह साधारण पत्ता या कपड़ा नहीं, बल्कि कपास के चिथड़ों से बने कागज़ की परतें लगाकर और चमकाकर तैयार किया गया हस्तनिर्मित कागज़ था। लघु चित्र वसली नाम के मोटे कागज़ी आधार पर बनाए जाते थे; उस पर प्राकृतिक मिट्टी की परत चढ़ाई जाती, सतह को चिकना या चमकाया जाता और फिर खनिज, धातु या वनस्पति रंगों से चित्र बनाया जाता। नीले के लिए लैपिस लाज़ुली, हरे के लिए मैलाकाइट और लाल के लिए लाख जैसे प्राकृतिक रंगद्रव्य काम में आते थे। इसलिए उत्तर वसली है, न कि पत्ते या रेशमी कपड़ा।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) केले के पत्ते राजस्थानी लघु चित्रकला की परंपरागत सतह नहीं थे; लघु चित्रों के लिए वसली नाम का मोटा कागज़ी आधार इस्तेमाल होता था।
  • (B) सूखे ताड़ के पत्ते कुछ पांडुलिपि-चित्र परंपराओं से जुड़े हो सकते हैं, पर राजस्थानी लघु चित्रकला की मुख्य सतह वसली थी, इसलिए 'केवल' ताड़-पत्ते कहना गलत है।
  • (C) रेशम का कपड़ा चित्रकारी का अलग सहारा हो सकता है, लेकिन राजस्थानी लघु चित्रकला में सतह कपास से तैयार वसली कागज़ थी।

अवधारणा

राजस्थानी कला-संस्कृति में लघु चित्रकला की सामग्री और तकनीक की पहचान अहम है। आरएएस में ऐसी बातें बार-बार आती हैं, क्योंकि शैली के साथ माध्यम, रंग और सतह भी कला-इतिहास का हिस्सा हैं।

स्रोत

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