RAS प्रश्न
किस मुगल सम्राट ने अपनी आत्मकथा तुजुक-ए-बाबरी (बाबरनामा) लिखी?
सही उत्तर: (A) बाबर।
तुजुक-ए-बाबरी, जिसे बाबरनामा भी कहा जाता है, मुगल सम्राट बाबर की तुर्की में लिखी आत्मकथा है।
व्याख्या
बाबर ने बाबरनामा या तुजुक-ए-बाबरी अपनी मातृभाषा चगताई तुर्की में लिखा। ईज्ञानकोश के मध्यकालीन इतिहासलेखन पाठ में यह बाबर की तुर्की में लिखी आत्मकथा और साहित्यिक उत्कृष्ट कृति है। इसलिए लेखक की पहचान सीधे बाबर से जुड़ती है, न कि किसी बाद के मुगल सम्राट से। इसमें केवल राजनीतिक घटनाएँ नहीं हैं; बाबर की विजयों, भारत के भूगोल, वनस्पति, जीव-जंतुओं और उसके निजी विचारों का वर्णन भी मिलता है। इसी कारण यह मुगलकालीन इतिहास-लेखन में आत्मकथात्मक स्रोत के रूप में महत्त्वपूर्ण है। बाद में अब्दुर रहीम खानखाना ने इसका फारसी में अनुवाद किया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) हुमायूँ इस आत्मकथा का लेखक नहीं था; बाबरनामा बाबर का ग्रंथ है, जबकि हुमायूँ से जुड़ी कथा उसकी बहन द्वारा लिखे गए वृत्तांत से पहचानी जाती है।
- (C) जहाँगीर ने अपना अलग संस्मरण तुजुक-ए-जहाँगीरी लिखा, इसलिए तुजुक-ए-बाबरी को जहाँगीर से जोड़ना दो अलग मुगल आत्मकथात्मक स्रोतों को मिला देना है।
- (D) अकबर बाबरनामा का लेखक नहीं था; अकबर निरक्षर था, जबकि तुजुक-ए-बाबरी बाबर की तुर्की में लिखी आत्मकथा है।
अवधारणा
मुगलकालीन इतिहास-लेखन में आत्मकथात्मक स्रोतों की पहचान महत्त्वपूर्ण है। RAS में लेखक, ग्रंथ और भाषा को मिलाकर स्रोत-आधारित तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं।
