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RAS प्रश्न

किस मुगल सम्राट की आत्मकथा 'तुजुक-ए-जहाँगीरी' कहलाती है?

सही उत्तर: (A) जहाँगीर।

तुजुक-ए-जहाँगीरी मुगल सम्राट जहाँगीर की आत्मकथा, यानी उसके संस्मरण, है।

  1. (A)

    जहाँगीर

  2. (B)

    शाहजहाँ

  3. (C)

    अकबर

  4. (D)

    बाबर

व्याख्या

Project Gutenberg में इस कृति को जहाँगीर के संस्मरण के रूप में दर्ज किया गया है और इसे जहाँगीर की आत्मकथा बताया गया है। इसी आधार पर प्रश्न का उत्तर जहाँगीर है। तुजुक-ए-जहाँगीरी फारसी में लिखी गई थी और इसमें जहाँगीर के शासनकाल, चित्रकला तथा प्रकृति के प्रति उसके लगाव का विवरण मिलता है। कश्मीर के वर्णन भी इसी संस्मरण-परंपरा का हिस्सा बताए गए हैं। यह कृति जहाँगीर से जुड़ी है; इसलिए इसे शाहजहाँ, अकबर या बाबर से जोड़ना मुगलकालीन स्रोतों की गलत पहचान होगी। बाद का भाग मुतमद खान ने पूरा किया, इसलिए पूरी रचना को समझते समय मूल आत्मकथात्मक स्वर और बाद की पूर्ति, दोनों को अलग पहचानना जरूरी है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) शाहजहाँ इसलिए सही नहीं है, क्योंकि उसके शासनकाल से जुड़ा ग्रंथ पदशाहनामा था; तुजुक-ए-जहाँगीरी जहाँगीर के संस्मरण हैं।
  • (C) अकबर इसलिए सही नहीं है, क्योंकि अकबर ने अपनी आत्मकथा नहीं लिखी; आइन-ए-अकबरी अबुल फजल की रचना थी।
  • (D) बाबर इसलिए सही नहीं है, क्योंकि बाबर की आत्मकथा बाबरनामा या तुजुक-ए-बाबरी कहलाती है, तुजुक-ए-जहाँगीरी नहीं।

अवधारणा

यह प्रश्न मध्यकालीन भारतीय इतिहास में मुगलकालीन आत्मकथात्मक और साहित्यिक स्रोतों की पहचान जाँचता है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि उनसे शासक, ग्रंथ और ऐतिहासिक स्रोत को सीधे जोड़ना पड़ता है।

स्रोत

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