RAS प्रश्न
REPM निर्माण योजना किस मंत्रालय के अंतर्गत आती है?
सही उत्तर: (B) भारी उद्योग मंत्रालय।
सिंटरित दुर्लभ-मृदा स्थायी चुंबकों (REPM) के निर्माण को बढ़ावा देने वाली योजना की देखरेख भारी उद्योग मंत्रालय करता है।
व्याख्या
प्रेस सूचना ब्यूरो की विज्ञप्ति में सिंटरित दुर्लभ-मृदा स्थायी चुंबकों (REPM) के निर्माण को बढ़ावा देने वाली योजना को भारी उद्योग मंत्रालय की पहल बताया गया है, इसलिए विकल्प B सही है। विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7,280 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय वाली इस योजना को मंज़ूरी दी। इसका लक्ष्य भारत में इन चुंबकों के एकीकृत निर्माण की 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) क्षमता तैयार करना और देश में इनसे जुड़े पूरे विनिर्माण तंत्र को मज़बूत करना है। इस प्रश्न में दुर्लभ-मृदा चुंबकों से जुड़े क्षेत्र और योजना चलाने वाले मंत्रालय के बीच अंतर समझना ज़रूरी है। विज्ञप्ति योजना को भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन रखती है, इसलिए यही एकमात्र सही उत्तर है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) खान मंत्रालय सही नहीं है, क्योंकि योजना भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन है।
- (C) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय सही नहीं है, क्योंकि विज्ञप्ति में योजना की देखरेख करने वाला मंत्रालय भारी उद्योग मंत्रालय बताया गया है।
- (D) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सही नहीं है, क्योंकि विज्ञप्ति में योजना को भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन रखा गया है।
अवधारणा
यह प्रश्न समसामयिक सरकारी योजनाओं और उनके मंत्रालयों के सही मिलान की समझ परखता है। RAS में शासन से जुड़े ऐसे प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं, क्योंकि नीतिगत प्रश्नों का उत्तर अक्सर योजना के क्षेत्र से नहीं, उसे लागू करने वाले मंत्रालय से तय होता है। यहाँ दुर्लभ-मृदा का संदर्भ भटका सकता है, इसलिए आधिकारिक विज्ञप्ति में दिए गए मंत्रालय पर ध्यान देना ज़रूरी है।
