RAS प्रश्न
राष्ट्रीय आय की गणना का कौन सा तरीका प्रत्येक क्षेत्र के उत्पादन से शुरू होता है?
सही उत्तर: (B) उत्पाद या उत्पादन विधि।
राष्ट्रीय आय की गणना में प्रत्येक क्षेत्र के उत्पादन से शुरुआत करने वाली विधि उत्पाद या उत्पादन विधि है, जिसे मूल्य-वर्धित विधि भी कहा जाता है।
व्याख्या
उत्पाद या उत्पादन विधि में अर्थव्यवस्था में एक अवधि के दौरान हुए उत्पादन का कुल मूल्य मापा जाता है। NCERT के अनुसार, जब सभी फर्मों द्वारा उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य मापा जाता है, तो यह उत्पाद विधि कहलाती है। इसे मूल्य-वर्धित विधि इसलिए भी कहा जाता है, क्योंकि केवल कुल उत्पादन जोड़ देने से दोहरी गणना हो सकती है; इसलिए उत्पादन के मूल्य में से मध्यवर्ती वस्तुओं का मूल्य घटाकर प्रत्येक फर्म या क्षेत्र का मूल्य-वर्धन निकाला जाता है। सभी क्षेत्रों, यानी प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक, में जोड़ा गया मूल्य मिलाकर राष्ट्रीय आय की गणना की जाती है। भारत में राष्ट्रीय आय मापने में यही मुख्य आधार माना जाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) व्यय विधि उत्पादन से शुरू नहीं होती; यह अंतिम वस्तुओं और सेवाओं पर हुए कुल अंतिम व्यय को जोड़कर राष्ट्रीय आय मापती है।
- (C) आय विधि क्षेत्रों के उत्पादन को नहीं, बल्कि उत्पादन-कारकों को मिले वेतन, लाभ जैसे अंतिम कारक-आय भुगतान को जोड़ती है।
- (D) बचत विधि राष्ट्रीय आय मापने की मानक विधि नहीं है; NCERT राष्ट्रीय आय के लिए उत्पाद, व्यय और आय विधि बताती है।
अवधारणा
यह प्रश्न राष्ट्रीय आय लेखांकन में GDP/राष्ट्रीय आय मापने की तीन विधियों की बुनियादी पहचान जांचता है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है, क्योंकि उत्पादन, आय और व्यय विधियों का फर्क अर्थव्यवस्था के आंकड़ों को पढ़ने की आधार-शर्त है।
