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RAS प्रश्न

आहड़ में मुख्य रूप से किस धातु के उपकरण मिले, जिससे इसका प्राचीन नाम 'ताम्बवती' पड़ा?

सही उत्तर: (B) तांबा।

आहड़ में मुख्य रूप से तांबे के उपकरण और कलाकृतियां मिलीं, इसलिए उसका प्राचीन नाम ताम्बवती माना गया।

  1. (A)

    लोहा

  2. (B)

    तांबा

  3. (C)

    सोना

  4. (D)

    कांसा

व्याख्या

आहड़ का संबंध ताम्रपाषाण संस्कृति से है, इसलिए यहां मिले धातु-साक्ष्य का केंद्र तांबा है। आहड़ दक्षिण-पूर्वी राजस्थान का ऐसा पहला स्थल माना जाता है जहां तांबे के खनन और धातुकर्म के प्रमाण मिलते हैं। 1961-62 की खुदाई में तांबे के कुछ उपकरण और धातु-अपशिष्ट जैसे ढेर मिले; वैज्ञानिक जांच में इन्हें धातुकर्म-अपशिष्ट माना गया। इसी आधार पर आहड़ को लगभग 2000 ईसा पूर्व का तांबा गलाने वाला केंद्र समझा गया। ताम्रपाषाण काल की तांबे की वस्तुएं स्थानीय रूप से बनीं और धातु अरावली पहाड़ियों के अयस्क-भंडारों से निकाली गई। इसलिए ताम्बवती नाम तांबे की बहुतायत और स्थानीय तांबा-धातुकर्म, दोनों से जुड़ता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) लोहा आहड़ के ताम्रपाषाण संदर्भ का प्रमुख धातु-साक्ष्य नहीं है; ताम्बवती नाम तांबे की प्रधानता से जुड़ता है।
  • (C) सोने के महत्वपूर्ण उपकरणों या कलाकृतियों की ऐसी बहुतायत नहीं मिलती जिससे आहड़ का नाम ताम्बवती पड़ा हो।
  • (D) कांसे का कुछ साक्ष्य मिल सकता है, लेकिन आहड़ की मुख्य पहचान तांबे के उपकरण, तांबे की कलाकृतियां और तांबा-गलाने से जुड़ती है।

अवधारणा

राजस्थान की ताम्रपाषाण संस्कृति में आहड़-बनास क्षेत्र का धातुकर्म महत्वपूर्ण है। RAS में यह तथ्य बार-बार आता है क्योंकि स्थल-नाम, मिले अवशेष और स्थानीय संसाधन को जोड़कर तथ्य पूछा जाता है।

स्रोत

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